
नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- कोर्ट ने कहा कि नए नियम ऐसे महत्वपूर्ण सवाल खड़े करते हैं, जिन्हें अनदेखा किया गया तो इसके ‘बहुत दूरगामी परिणाम’ हो सकते हैं और ये ‘समाज को विभाजित’ कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने नए नियमों को चुनौती देने वाली तीन याचिकाओं पर केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी करते हुए कहा कि ‘2026 के रेग्युलेशन को स्थगित रखा जाएगा’।
पिछले कुछ हफ़्तों से इन नियमों का देश के कई इलाक़ों और यूनिवर्सिटी में विरोध हो रहा था। ऐसा माना जा रहा है कि विरोध करने वाले ज़्यादातर लोग सामान्य वर्ग के थे।





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