
नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- कोर्ट ने कहा कि नए नियम ऐसे महत्वपूर्ण सवाल खड़े करते हैं, जिन्हें अनदेखा किया गया तो इसके ‘बहुत दूरगामी परिणाम’ हो सकते हैं और ये ‘समाज को विभाजित’ कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने नए नियमों को चुनौती देने वाली तीन याचिकाओं पर केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी करते हुए कहा कि ‘2026 के रेग्युलेशन को स्थगित रखा जाएगा’।
पिछले कुछ हफ़्तों से इन नियमों का देश के कई इलाक़ों और यूनिवर्सिटी में विरोध हो रहा था। ऐसा माना जा रहा है कि विरोध करने वाले ज़्यादातर लोग सामान्य वर्ग के थे।





More Stories
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने देखा छात्राओं का आत्मरक्षा प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस के ‘मिशन शक्ति’ अभियान की सराहना की
फरीदाबाद: भाखरी कचरा विवाद में नया मोड़, विपुल गोयल के सामने आई कृष्णपाल गुर्जर की योजना, कौन होगी कामयाब?
दिल्ली मेट्रो महा विस्तार: 279 KM में 16 नए रूट बनेंगे, नजफगढ़, मीठापुर-करावल से नरेला-बवाना, रोहिणी तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी, DDA मीटिंग में मुहर
वाहन चोर गिरफ्तार, चोरी की बाइक, स्कूटी और मोबाइल बरामद; तीन मामले सुलझे
ऋषिकेश निवासी डॉ. राजे नेगी को उत्तराखंड ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन का मुख्य सलाहकार बनाया गया, पेशेवर नैतिकता और मरीजों की सुरक्षा पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में भाजयुमो बिलासपुर ग्रामीण का जोरदार प्रदर्शन