लगभग 5 लाख गौ भक्तों का राजधानी दिल्ली में होगा समागम

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लगभग 5 लाख गौ भक्तों का राजधानी दिल्ली में होगा समागम

-5 से 10 नवम्बर में मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में होगी नेशनल समिट

दिल्ली/- देश भर में फैली 22 हजार से ज्यादा गौशालाओं के जरिए 20 लाख से अधिक रोजगारों का सृजन हो रहा है। पंचगव्य निर्माण, औषधि निर्माण, खाद निर्माण सहित विभिन्न उत्पाद यह रोजगार प्रदान कर रहे हैं। दुग्ध उत्पादन से होने वाला रोजगार इससे अलग है। साथ ही ये गौशालाएं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं। गोबर से बनी लकड़ी का उपयोग श्मशान स्थलों पर होने से करोड़ों पेड़ों को कटने से बचाने में सफलता मिल रही है। पहले साढ़े नौ लाख टन गोबर सड़कों व नालियों के लिए समस्या बनता था, आज गोबर से लकड़ी बनाकर उसका सदुपयोग किया जा रहा है।

यह जानकारी राष्ट्रीय गोधन महासंघ के मुख्य संयोजक विजय खुराना ने आज यहां पत्रकारों को दी। वह महासंघ के हौजखास स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मुगल काल में गाय नहीं कटी, 190 बरस पहले अंग्रेजी शासनकाल में यह महापाप शुरू हुआ। जब केवल 8 करोड़ गाएं बचीं, तब राष्ट्रीय गोधन महासंघ का जन्म 7 नवम्बर 2005 को हुआ। आज गौ माताओं की संख्या 20 करोड़ है। उन्होंने बताया कि महासंघ के प्रयासों से भारत में गौशालाओं की संख्या 9 हजार से बढ़कर 22 हजार हो गई है। उन्होंने चिन्ता व्यक्त की कि अभी केन्द्र सरकार के पास गौरक्षा के लिए कोई कानून नहीं है। राज्यों ने अपने हिसाब से कानून बनाए हैं। कहा कि गौशाला प्रबंधकों तथा गौपालकों का अब तक का यह सबसे बड़ा समागम होगा। समिट में भारत के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 5 लाख लोग भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय गोधन समिट 2025 में अनेक गणमान्य व्यक्तियों के भाग लेने की संभावना है, जिसकी स्वीकृति आना शुरू हो गई हैं। उनमें भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख लाल मांडविया तथा वरिष्ठ सांसद एवं पूर्व पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम खोडा भाई रूपाला शामिल हैं।

समिट में विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक देवी चन्द्र चोपड़ा सहित अनेक राष्ट्रवादी पुरुषों की भी भागीदारी होगी। राष्ट्रीय गोधन समिट 2025 की संयोजक पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने बताया कि कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर 5 नवम्बर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी आमंत्रित किया गया है। कहा कि 10 नवंबर को आहूत समापन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पधारने का आग्रह किया गया है। श्रीमती दुग्गल ने कहा कि कृष्ण की गाय और शिव के नंदी को बचाए बिना इस देश का कल्याण संभव नहीं है। यह बात सरकार और समाज सभी को बिना देर किए समझनी और समझानी होगी। उन्होंने इस नेशनल समिट के प्रेरणाकार प्रख्यात संत श्री श्री रविशंकर को साधुवाद कहा।

राष्ट्रीय गोधन समिट 2025 के मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी राम महेश मिश्र के अनुसार देश भर में फैली गौशालाओं के द्वारा अपने-अपने काउंटर भी स्टेडियम में नियत स्थान पर लगाए जाएंगे, जिन पर गौशालाओं के द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि हमारी गौशालाएं देश की अर्थव्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। 20 लाख से ज्यादा रोजगारों का सृजन इस दिशा में एक बड़ा प्रयास है। उन्होंने बताया कि आज संपन्न संगोष्ठी में श्री खुराना द्वारा भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश की उस टिप्पणी की सराहना की जिसमें उन्होंने कहा था कि हिंदुस्तान की देशी गाय का गोबर कोहिनूर हीरे से भी ज्यादा मूल्यवान है।

जीवन के 100वें बसन्त की ओर बढ़ रहे बुजुर्ग देवी चन्द्र चोपड़ा ने भारत की सम्पदा और संपन्नता की माप एवं पहचान गायों की संख्या से होने की ओर देश का ध्यान खींचा और चिंता व्यक्त की कि उस मेरे देश में गायों की संख्या तेजी से कम हो रही है। भारत के भविष्य के लिए उन्होंने इस स्थिति में जल्द से जल्द सुधार लाने का आह्वान समाज व सरकार दोनों से किया। प्रेस वार्ता में दिल्ली विधानसभा के पूर्व विधायक मदन लाल, श्री सनातन धर्म महासभा के प्रमुख प्रतिनिधि एवं सनातन धर्म मंदिर जनकपुरी के चेयरमैन भूषण लाल पाराशर, भारत विकास परिषद के महेश शर्मा, वैद्य ज्ञानेन्द्र प्रकाश,  समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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