अनीशा चौहान/- नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए ‘नशा मुक्त दिल्ली अभियान’ के अंतर्गत पश्चिम जिला पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इस अभियान के तहत पश्चिम जिले के सौ से अधिक सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ एक बैठक आयोजित की गई, जो महाराजा सूरजमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सेमिनार हॉल में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता श्रीमती लक्ष्मी कंवत, अतिरिक्त डीसीपी-II/पश्चिम ने की। इस अवसर पर सभी एसडीपीओ/पश्चिम भी उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्रों में बढ़ती नशे की लत और बुरी आदतों पर चर्चा करना था। समय-समय पर छात्रों के नशे के सेवन में शामिल होने की शिकायतें पुलिस विभाग को मिलती रही हैं, जिस पर अंकुश लगाने के लिए यह बैठक अत्यंत आवश्यक मानी गई।
पुलिस विभाग ने स्कूलों से संपर्क स्थापित कर इस विषय पर जानकारी एकत्र की और एक प्रभावी रणनीति तैयार करने की दिशा में कदम उठाया। बैठक में प्रारंभिक हस्तक्षेप और रोकथाम की रणनीतियों पर विशेष बल दिया गया। प्रधानाचार्यों से आग्रह किया गया कि वे ऐसे छात्रों की पहचान के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित करें, जो इस दिशा में कमजोर हैं या जोखिम में हैं।
साथ ही, स्कूलों को आश्वासन दिया गया कि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग की ओर से परामर्श सत्र की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि छात्रों को समय रहते सही दिशा में मार्गदर्शन दिया जा सके।
यह बैठक न केवल एक संवाद का माध्यम बनी, बल्कि नशे के खिलाफ एक सशक्त सामाजिक साझेदारी की शुरुआत भी मानी जा रही है।


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