आरोग्य सेतू ऐप पर साईबर हमलों में हुई बढ़ौतरी

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September 21, 2026

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आरोग्य सेतू ऐप पर साईबर हमलों में हुई बढ़ौतरी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- भारत की साइबर सुरक्षा ऐजेन्सी ने आरोग्य सेतू ऐप के नाम पर जालसाजों के हमलों के बारे में चेतावनी जारी की है। क्योंकि साइबर अपराधी सरकार के संपर्क ट्रेसिंग आवेदन आरोग्य सेतू से लाभ उठाने की कोशिश कर रहे है। वही
                 सलाहकारों की माने तो आरोग्य सेतू एप में उच्च स्तर पर जालसाजी हमले देखे गये है। धोखाधड़ी करने वाले मानव संसाधन विभाग, सीईओ या अन्य ज्ञात व्यक्ति के रूप में प्रतिरूपित होते हैं और उपयोगकर्ताओं को लक्ष्य बनाते हैं कि आपका पड़ोसी प्रभावित हुआ है, देखें कि कौन प्रभावित हुआ है, कोई जो आपके संपर्क में आया था, वह सकारात्मक है। स्वयं की जांच करने की अनुशंसा और आरोग्य सेतू ऐप का उपयोग करने के दिशा-निर्देश दिये जाते है। जब प्राप्तकर्ता इन संदेशों पर क्लिक करते हैं, तो उनसे कुछ जानकारी देने के लिए कहा जाता है, आम तौर पर यहा जानकारी व्यक्तिगत या वित्तीय होती है। धोखाधड़ी का सबसे आम रूप उन वेबसाइटों से होता है जो किसी प्राप्तकर्ता के बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी का प्रतिव्यक्ति होता है, जिससे व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी प्राप्त करने की आशा होती है। लेकिन साइबर अपराध सेल ने अपने परामर्श में ऐसे फिशिंग के मामलों की संख्या या उनके फिशिंग के बढ़ने का उल्लेख नहीं किया गया है जिसमें किसी वैध संस्था के रूप में उपस्थित किसी व्यक्ति द्वारा ई-मेल, टेलीफोन या पाठ्य संदेश के लक्ष्य से संपर्क किया जाता है और उसे बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड के विवरण जैसे संवेदनशील आंकड़े देने का निर्देश दिया जाता है।
                              प्रमाणित या भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली सरकार द्वारा निर्देशित सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सुरक्षा संगठन है जिसका उद्देश्य कंप्यूटर सुरक्षा की घटनाओं के प्रति प्रतिक्रिया, भेद्यता की रिपोर्ट करना और देश भर में सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा प्रणाली को प्रभावी रूप से बढ़ावा देना है। प्रमाणित सलाहकार ने कहा कि नए फिशिंग डोमेन सृजित किए जाते हैं जो कोरोना परीक्षण किट, कोरोना वैक्सीन, कोरोना के दौरान दान जैसे विषयों पर केंद्रित होते हैं। देश के शीर्ष साइबर विशेषज्ञों में से एक, पवन दुगल ने कहा कि हमारे पास साइबर सुरक्षा पर मजबूत कानून नहीं है। और धोखाधड़ी जैसी चीजें सीधे इसके अधिनियम में शामिल नहीं हैं। अतः अधिनियम में संशोधन की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोग्य सेतू ऐप पर्याप्त सुरक्षित नहीं है।

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