‘लाल कार्ड बांटकर वोटरों पर…’, उपचुनाव से ठीक पहले अखिलेश यादव ने लगाया आरोप

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

‘लाल कार्ड बांटकर वोटरों पर…’, उपचुनाव से ठीक पहले अखिलेश यादव ने लगाया आरोप

मानसी शर्मा /-  UP की 9 सीटों पर उपचुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियो पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर किया है। सपा अध्यक्ष ने एक लाल रंग की पर्ची की तस्वीर शेयर करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी ये लाल कार्ड बांटकर वोटर्स पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही इस मामले में उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई की मांग की।

SP अध्यक्ष ने की चुनाव आयोग से अपील

अखिलेश यादव ने ने एक्स पर लिखा’चुनाव आयोग तुरंत इस बात का संज्ञान ले कि उप्र में शासन-प्रशासन पक्षपात पूर्ण रवैया अपना रहा है। मतदान को बाधित करने के लिए ‘नोटिस-चेतावनी’ के लाल कार्ड बाँटकर मतदाताओं पर दबाव बनाया जा रहा है।’ उन्होंने आगे लिखा ‘ये एक तरह से संविधान द्वारा दिए गए वोटिंग के अधिकार को छीनने का ग़ैर-क़ानूनी कृत्य है। इसे एक अपराध की तरह दर्ज करके तुरंत कार्रवाई की जाए। अन्यथा माननीय सर्वोच्च से ये अपील होगी कि वो स्वतः संज्ञान लेते हुए पक्षपाती शासन-प्रशासन को निष्पक्ष चुनाव कराने का निर्देश दे।’

चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी

वहीं, उपचुनाव को लेकर सपा ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी हैं। इस चिट्ठी में सपा ने मांग की है कि वोटिंग के दिन यानी 20 नवंबर 2024 को ‘कोई भी पुलिसकर्मी किसी भी वोटर्स का वोटर आईडी कार्ड की जांच नहीं करेगा।’ क्योंकि आईडी कार्ड चेक करने का अधिकार सिर्फ मतदान अधिकारी के पास है। इसलिए उपचुनाव में तैनात सभी रिटर्निंग ऑफिसर, रिटर्निंग ऑफिसर/जिला मजिस्ट्रेट, जनरल ऑब्जर्वर और पुलिस अधिकारियों को लिखित आदेश जारी किया जाए कि वे आईडी कार्ड की जांच न करें। बता दें, लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान मतदान केंद्रों पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने अपनी शक्ति और पद का गलत इस्तेमाल किया। इसके साथ ही सपा समर्थकों, खासकर मुस्लिम महिला मतदाताओं को डराकर उनके बुर्के उतरवा दिए थे। जिस कारण वो बिना वोटिंग के ही लौट गए थे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox