हरियाणा में सरकारी डॉक्टरों ने नहीं तोड़ी हड़ताल, सरकार से 2 बार वार्ता फेल, इमरजेंसी सेवाएं ठप

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September 17, 2026

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हरियाणा में सरकारी डॉक्टरों ने नहीं तोड़ी हड़ताल, सरकार से 2 बार वार्ता फेल, इमरजेंसी सेवाएं ठप

हरियाणा/नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-  हरियाणा में सभी सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर आज सुबह 8 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस दौरान अस्पतालों में किसी मरीज की जांच नहीं हो रही, वहीं OPD भी ठप है। केवल आपात सेवाएं ही बहाल हैं। इनमें इमरजेंसी, ट्रॉमा सेंटर और पोस्टमार्टम हाउस चल रहे हैं। एचसीएमएसए के अध्यक्ष डॉक्टर राजेश ख्याला के नेतृत्व में 6 डॉक्टर्स का प्रतिनिधिमंडल हरियाणा निवास पहुंच चुका है। क्या डॉक्टर्स की हड़ताल पर विराम लगेगा। हरियाणा निवास में थोड़ी देर में एचसीएमएसए के प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के बीच बैठक होगी। सरकार का प्रयास होगा कि डॉक्टर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।

बता दें कि हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) और स्वास्थ्य सचिव सुधीर राजपाल के बीच कई दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। CM नायब सैनी ने अब इस मामले से निपटने के लिए मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर को काम पर लगाया है। आज 12 बजे खुल्लर ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को मीटिंग के लिए भी बुलाया है।

हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर राजेश खयालिया ने बताया कि उन्होंने दिसंबर में पूर्ण हड़ताल की थी। उस दौरान सरकार की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि उनकी सभी मांगे जायज हैं उन्हें जल्दी लागू किया जाएगा। लेकिन आज 7 महीने बाद भी उनका नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि 8  जुलाई को 2 घंटे के लिए ओपीडी सेवाएं बंद की गई थी और तभी 25 जुलाई से  अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस भी दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद सरकार ने नोटिफिकेशन जारी नहीं किया, जिसके चलते डॉक्टर को मजबूरन हड़ताल पर जाना पड़ रहा है। वही अपनी मांगों के समर्थन में संगठन के चार वरिष्ठ सदस्य आज से डीजी हेल्थ के सामने हंगर स्ट्राइक पर बैठ गए हैं। कल से प्रत्येक जिले से दो-दो डॉक्टर आकर इस जगह स्ट्राइक पर बैठेंगे। उन्होंने बताया कि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की मंजूरी के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी विशेषज्ञों के लिए अलग कैडर बनाने को मंजूरी दे दी थी।विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए अलग कैडर बनाया जाए। दो साल पहले सीएम घोषणा भी कर चुके लेकिन लागू नहीं हुआ।

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