एनएचएआई ने 105 घंटे में 75 किमी सड़क बनाया विश्व रिकार्ड

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 22, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

एनएचएआई ने 105 घंटे में 75 किमी सड़क बनाया विश्व रिकार्ड

-गडकरी ने किया विश्व रिकॉर्ड का एलान, श्रमिकों व अधिकारियों को दी बधाई

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 105 घंटे में 75 किलोमीटर लंबी सीमेंट की सड़क बनाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एलान किया कि एनएचएआई ने एनएच-53 पर 105 घंटे और 33 मिनट में 75 किमी लंबी सिंगल लेन में बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने का एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
              गडकरी ने ट्विटर पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कहा, ’भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने पर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत एनएचएआई ने एक विश्व रिकॉर्ड बनाया है जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने प्रमाणित किया गया है।’  गडकरी ने एनएचएआई की परियोजना के कुशल क्रियान्वयन के लिए प्राधिकरण और राज पथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड के सभी इंजीनियरों, ठेकेदारों, सलाहकारों और श्रमिकों को बधाई दी।
             75 किलोमीटर लंबी एकल लेन बिटुमिनस कंक्रीट रोड को अगर दो लेन की पक्की रोड के हिसाब से देखें तो इसकी कुल लंबाई 37.5 किमी होती है। इसे बनाने का काम 3 जून 2022 को सुबह 7ः27 बजे शुरू हुआ था और यह 7 जून को शाम 5 बजे पूरा हुआ।
             इसके निर्माण में 2,070 मीट्रिक टन बिटुमेन से युक्त 36,634 मीट्रिक टन के मिश्रण का उपयोग किया गया। इसे स्वतंत्र सलाहकारों की एक टीम सहित 720 श्रमिकों ने पूरा किया। इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए इन सभी ने दिन-रात काम किया था।
             गडकरी ने बताया कि इससे पहले बिटुमिनस सड़क निर्माण का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड फरवरी 2019 में दोहा, कतर में बना था। वहां 25.275 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई गई थी। इसे पूरा करने में 10 दिन लगे थे।
              गडकरी ने बताया कि अमरावती को एनएच 53 के हिस्से के रूप में अकोला खंड में जोड़ा गया है। यह एक महत्वपूर्ण पूर्व-पूर्व गलियारा है जो कोलकाता, रायपुर, नागपुर और सूरत जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ता है। पूरा हो जाने के बाद यह इस मार्ग पर यातायात और माल की आवाजाही को आसान बनाने में प्रमुख भूमिका निभाएगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox