
नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/नई दिल्ली/ ब्यूरो : राजधानी दिल्ली में रामलीला महोत्सव की धूम मची हुई है. अलग-अलग इलाकों में आयोजित रामलीलाओं में जहां रामायण के पौराणिक प्रसंगों का जीवंत मंचन दर्शकों को भावविभोर कर रहा है, वहीं सामाजिक सरोकारों और पर्यावरण संरक्षण के संदेश भी दिए जा रहे हैं. कहीं कुंभकर्ण और मेघनाद वध के दृश्यों ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं, तो कहीं रावण के पुतलों के जरिए अहंकार त्यागने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और प्रदूषण कम करने की अपील की जाएगी.
कुंभकर्ण वध और सती सुलोचना के प्रसंग ने दर्शकों को किया भावुक

भव्य रामलीला सोसाइटी की रामलीला में कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध और सती सुलोचना के प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया. सोसाइटी के प्रधान सतीश लूथरा ने बताया कि युद्धभूमि में कुंभकर्ण के विशालकाय स्वरूप और पराक्रम को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे. भगवान श्रीराम के बाणों से कुंभकर्ण का अंत होने के बाद लक्ष्मण और मेघनाद के बीच भीषण युद्ध का मंचन हुआ.
मेघनाद वध के बाद जब सती सुलोचना अपने पति का शीश मांगने भगवान श्रीराम के शिविर में पहुंचीं, तो इस भावुक प्रसंग को देखकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं. शाम आठ बजे शुरू हुए मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ पहुंचे. पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा.
लव कुश रामलीला में रावण के पुतले से मिलेंगे तीन संदेश
लाल किला मैदान में आयोजित विश्व प्रसिद्ध लव कुश रामलीला में इस बार रावण दहन आकर्षण का केंद्र होगा. रामलीला के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के मुताबिक, मैदान में रावण का 110 फीट, कुंभकर्ण का 100 फीट और मेघनाद का 90 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया है. आयोजकों के अनुसार, श्रीराम का तीर लगते ही रावण की नाभि से अमृत निकलने, उसकी आंखों से आग बरसने और गले की 11 मालाओं के रंग बदलने का विशेष दृश्य दिखाया जाएगा.
रावण दहन से पहले पुतले के जरिए दिल्लीवासियों को तीन खास संदेश दिए जाएंगे. पहला, अहंकार इंसान के पतन का कारण बनता है, इसलिए अपने भीतर के रावण को खत्म करें. दूसरा, निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करें. तीसरा, बढ़ता प्रदूषण आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरा है, इसलिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएं.
चिराग दिल्ली की रामलीला में ‘विकसित भारत’ की थीम
दक्षिण दिल्ली के चिराग दिल्ली में आयोजित श्री धार्मिक रामलीला में विभीषण शरणागति, सेतु बंधन, रावण-अंगद संवाद और लक्ष्मण मूर्छा के प्रसंगों का मंचन किया गया. रामलीला के मुख्य संरक्षक राकेश गुलिया ने बताया कि इस वर्ष रामलीला की थीम ‘विकसित भारत’ रखी गई है. इसके साथ ही ‘यमुना सुरक्षित, पर्यावरण संरक्षित’ का संदेश भी दिया जा रहा है.
विजयदशमी पर यहां रावण का 70 फीट, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाद के 65-65 फीट ऊंचे पुतलों का दहन किया जाएगा. आयोजकों के मुताबिक, पर्यावरण का ध्यान रखते हुए ग्रीन साउंड वाली आतिशबाजी का इस्तेमाल किया जाएगा. इस अवसर पर पूर्व निगम पार्षद सुनीता गुलिया, प्रधान आनंद जैन, मीडिया प्रभारी भूपेश गुप्ता सहित कार्यकारिणी के कई सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.





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