
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- देश में पैगंबर विवाद के बीच ईरान के विदेश मंत्री डॉ. हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन बीती रात नई दिल्ली पहुंचे। यहां विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी और लिखा कि ये यात्रा हमारे ऐतिहासिक संबंधों और साझेदारी को और बढ़ावा देगी। बता दें कि अब्दुल्लाहियन द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए हैं।
ईरान से भारत में तेल का आयात दोनों विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत का मुद्दा हो सकता है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि दो दिन पहले एस जयशंकर ने ब्रातिस्लावा में ग्लोबसेक 2022 में बोलते हुए कहा था कि अगर अमेरिका और यूरोप रूस से आयात सीमित करना चाहते हैं तो उन्हें ईरान और वेनेजुएला के साथ विचार करना चाहिए। बता दें कि ईरान का पेट्रोलियम उत्पादन बढ़कर अब एक मिलियन बैरल प्रति दिन हो गया है और वह अन्य बाजारों की तलाश कर रहा है। अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाने के बाद ईरान के तेल निर्यात पर असर पड़ा था। 2019 में प्रतिबंध लगाए जाने से पहले चीन के बाद भारत ईरानी तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार था।
2020-21 के दौरान भारत और ईरान का द्विपक्षीय व्यापार 2.10 बिलियन डॉलर था जो कि पिछले वर्ष 4.80 बिलियन डॉलर की तुलना में 56 प्रतिशत कम था। इसके लिए कोरोना महामारी को जिम्मेदार ठहराया गया था और इस साल इसके बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, अगर तेल आयात की अनुमति दी जाती है तो यह आंकड़ा बढ़ जाएगा।





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