देश की एकता व अखंडता के लिए समाजवादी विचारधारा जरूरी- शरद यादव

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 23, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

देश की एकता व अखंडता के लिए समाजवादी विचारधारा जरूरी- शरद यादव

-शरद यादव ने एलजेडी का आरजेडी में किया विलय -तेजस्वी बोले- सभी समाजवादी एकजुट हो नफरत की राजनीति का खात्मा करें; सरकार की विफलता की निशानी है निजिकरण

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- काफी समय से बिमार चल रहे वरिष्ठ नेता शरद यादव ने आखिर बड़ा फैसला लेते हुए एलजेडी का आरजेडी में रविवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में विलय करने की घोषणा कर दी। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष व आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस विलय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शरद यादव हमारे पूज्यनीय है और उनका फैसला न केवल समय की मांग थी बल्कि देश की जनता भी यही चाह रही थी। वहीं एलजेडी के संयोजक शरद यादव ने कहा कि देश की एकता व अखंडता के लिए समाजवादी विचारघारा की आज सबसे ज्यादा जरूरत है जिसके देखते हुए उन्होने यह फैसला लिया है। वैसे भी बिहार में जो हो रहा है वह किसी छिपा नही है। नीतिश के पास न नीति है और न ही अभी तक ऐसा कोई काम किया है जो बिहार के लोगों को कोई लाभ पंहुचा सके। इस अवसर पर दिल्ली, बिहार, यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ से काफी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे जिन्होने एक स्वर में शरद यादव के निर्णय को अपनी सहमति प्रदान कर दी।

तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरे देश में नफरत का वातावरण है। नफरत की राजनीति हो रही है। महंगाई चरम सीमा पर है। देश की संपत्ति को बेचा जा रहा है। बड़ी-बड़ी संस्थाओं को पार्टी का सेल बनाया जा रहा है। महंगाई, किसान और बेरोजगारी को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं तो उन्हें कुचला जा रहा है। ऐसे समय में शरद यादव ने जो फैसला लिया है उससे हमारा हौसला बढ़ा है। आज देश में नफरत फैलाकर नए भारत की कल्पना की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब ये सब देखा नही जा रहा है। बहुत देर होने से पहले सभी विपक्षी पार्टियों को मिलकर तैयारी करने की जरूरत है। शरद यादव के समर्थकों से तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी पार्टी अब आप सब लोगों की पार्टी है। कार्यकर्ताओं से ही हमें ऊर्जा मिलती है। शरद यादव ने मेरे ऊपर काफी भरोसा जताया है। इस भरोसे को हम सबको मिलकर संभालना है। तेजस्वी ने कहा कि सभी समाजवादी लोगों को एकजुट हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में सरकार नहीं सर्कस चल रहा है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष को क्या-क्या नहीं कहा। इतिहास में ऐसा पिक्चर किसी ने नहीं देखा होगा। मुख्यमंत्री विशेष राज्य की मांग करते हैं और भाजपा के लोग कहते हैं विशेष राज्य के दर्जे की जरूरत ही नहीं है। आखिर नीतीश कुमार कैसी सरकार चला रहे हैं।

तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव के समय 5-6 सीट पर मतगणना के समय इधर-उधर करके बिहार सरकार बना ली गई। कहा कि लालू प्रसाद यादव और शरद यादव ने मिलकर लंबा संघर्ष किया है। इनकी जीवनी लोगों को पढ़नी चाहिए। आज फिर से पुराने जनता दल का रूप हम लोगों के सामने आ रहा है। शरद यादव ने काफी निडरता दिखाई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास न तो कोई नीति है, न कोई सिद्धांत। वे कभी इधर रहते हैं कभी उधर रहते हैं।

वहीं शरद यादव ने कहा कि हमने आगे की लड़ाई के तेजस्वी यादव को चुना है और उन्हे पूरा विश्वास है कि तेजस्वी अपने नाम की तरह बिहार व देश में समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ायेंगे और हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे। हालांकि शरद यादव पिछले काफी समय से बिमार चल रहे थे लेकिन जैसे ही वह ठीक हुए तो अपने पुराने तेवर में आ गये। एलजेडी कार्यकर्ताओं का कहना है कि शरद यादव का यह फैसला देश और बिहार के लिए काफी अहम है। अब तेजस्वी बिहार संभालेंगे तथा शरद यादव देश को देखेंगे।

इस विलय समारोह में शरद यादव व तेजस्वी यादव के साथ-साथ दोनो दलों के कुछ राष्ट्रीय व प्रादेशिक स्तर के नेताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जिनमें सांसद शिवानंद तिवारी, जयप्रकाश नारायण यादव, दयाराम यादव, श्याम रजक, अब्दुलबारी सिद्की, डा. मीसा भारती, शांतनु बुंदेला, प्रेमचंद गुप्ता, असफाक करीम, ए डी सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, राजस्थान प्रभारी रामनिवास यादव, मध्यप्रदेश से गोविंद यादव, विजय वर्मा, अनिल जयहिंद, एस कुमार, जुबेर अहमद कुरेशी, कविता भगौरिया, शिव कुमार कका जी, अनिल जैन, गुजरात से दलीप भाई वसावा व सुशीला ताई भी मौजूद रही।

हालांकि कुछ राजनीतिक विशलेषकों की माने तो शरद यादव ने एक बार फिर बहुत ही गलत फैसला लिया है। हालांकि पहले फैसले में शरद यादव के साथ उनका कार्यकर्ता तो था लेेकन अब आरजेडी उनके कार्यकर्ता को भी हथिया लेगी और शरद यादव की स्थिति में कोई बड़ा फेरबदल नही आयेगा। अब यह तो समय ही बतायेगा कि शरद यादव ने यह फैसला पार्टी की भलाई के लिए लिया है या फिर अपने परिवार को राजनीति में फिट करने के लिए लिया है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox