बांग्लादेश में इस्कान राधाकांता मंदिर पर 200 कट्टरपंथियों का हमला, विहिप ने जताई चिंता

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October 27, 2026

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बांग्लादेश में इस्कान राधाकांता मंदिर पर 200 कट्टरपंथियों का हमला, विहिप ने जताई चिंता

-केंद्र ने बांग्लादेश व भारत सरकार के साथ यूएन से की गंभीर हस्तक्षेप की मांग

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा /- बांग्लादेश में हिंदुओं के प्रसिद्ध त्यौहार होली की पूर्व संध्या पर बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 200 कट्टरपंथियों ने इस्कान राधाकांता मंदिर पर हमला कर न केवल देवी-देवताओं की मूर्तियां तोड़ डाली बल्कि भक्तों से मारपीट करने का गंभीर मामला भी सामने आया है। बांग्लादेश में लगातार हिंदू मंदिरों और हिंदुओं को कट्टरपंथियों द्वारा निशाना बनाए जाने पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने गंभीर चिंता जताई है।

विहिप ने वर्तमान मामले को तत्काल ही बांग्लादेश व भारत की सरकार द्वारा गंभीर से लेना के साथ ही संयुक्त राष्ट्र (यूएन) से भी हस्तक्षेप का आग्रह किया है। विहिप के संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा कि यूएन को देखना चाहिए कि बांग्लादेश के निर्माण के साथ ही वहां हिंदुओं पर लगातार अत्याचार के मामले बढ़े हैं। भले ही यूक्रेन-रूस युद्ध और कोरोना संक्रमण के रोकथाम मामले में यूएन कोई खास भूमिका नहीं अदा कर पाया, लेकिन अभी भी वक्त है जब इस मसले पर हस्तक्षेप कर अपनी छवि को दुरुस्त करें।

सुरेंद्र जैन ने कहा कि ढाका में जिस तरह 200 से अधिक कट्टरपंथियों द्वारा इस्कान मंदिर पर हमला किया गया और देवी-देवताओं की मुर्तियों को नुकसान पहुंचाते हुए वहां जुटे भक्तों के साथ मारपीट की गई, यह बताता है कि वहां हिंदू अपना कोई भी पर्व-त्योहार बिना डर के साए के नहीं मना सकते हैं। वहीं, वहां की सरकार इन घटनाओं को देश को बदनाम करने की साजिश बताकर ढकने का प्रयास करती है।

जैन ने कहा कि असल में इसके लिए वहां के संविधान में लागू शरिया कानून है। जब तक उसे नहीं हटाया जाता है तब तक बांगलदेश में हिंदू समेत अन्य अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षित नहीं है। उनपर कट्टरपंथियों के हमले होते रहेंगे। इस मामले में उन्होंने भारत सरकार से गंभीर हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि एक के बाद एक इस तरह की घटनाएं वहां हो रही है, जिसे देखकर यह धारणा बन रही है कि यहां की सरकार वहां हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर उदासीन है। इसे सुधारा जाना चाहिए।

वहीं, विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने पड़ोसी देश में हो रहे अल्पसंख्यकों पर अत्याचारों पर यहां के धर्मनिरपेक्ष के कथित झंडाबरदारों और समाजसेवियों पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी चुप्पी बताती है कि इनका “कट्टरपंथियों’ को मौन समर्थन है।

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