एटीएम से पैसे उड़ाने वाले ‘स्टील प्लेट’ गैंग का हुआ पर्दाफाश, द्वारका पुलिस के हाथ लगे दो शातिर बदमाश!

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 30, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

एटीएम से पैसे उड़ाने वाले ‘स्टील प्लेट’ गैंग का हुआ पर्दाफाश, द्वारका पुलिस के हाथ लगे दो शातिर बदमाश!

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-  दिल्ली पुलिस के एक जांबाज हेड कांस्टेबल की सूझबूझ और बहादुरी से द्वारका इलाके में एटीएम मशीन के जरिए धोखाधड़ी करने वाले एक बेहद शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। थाना द्वारका साउथ के बीट स्टाफ ने एटीएम के कैश डिस्पेंसर (पैसे निकलने वाली जगह) में स्टील की प्लेट लगाकर ग्राहकों का पैसा फंसाने वाले दो ठगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने मामले के संदर्भ में बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से पीड़ित के फंसे हुए 8,000 रुपये, वारदात में इस्तेमाल होने वाली 3 स्टील की प्लेटें और भागने के लिए रखी गई एक यामाहा आर-15 रेसिंग मोटरसाइकिल जब्त की है। आरोपियों की गिरफ्तारी से इलाके में उसी दिन अंजाम दी गई एटीएम धोखाधड़ी की 5 अन्य वारदातें भी सुलझ गई हैं।

कैसे काम करता था यह ‘स्टील प्लेट’ फॉर्मूला?
आरोपियों ने एटीएम से पैसे चुराने का एक अनोखा और शातिर तरीका निकाला था। ये लोग द्वारका के रामफल चौक (सेक्टर-7) स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम के कैश डिस्पेंसर स्लॉट पर चालाकी से एक स्टील की प्लेट चिपका देते थे।

जब कोई ग्राहक पैसे निकालने आता, तो मशीन से कैश तो बाहर आता लेकिन वह इस स्टील प्लेट के पीछे ही फंस जाता था। स्क्रीन पर ट्रांजैक्शन सफल दिखने और खाते से पैसे कटने के बावजूद कैश बाहर न आने पर ग्राहक को लगता था कि मशीन खराब है और वह वहां से चला जाता था। ग्राहक के जाते ही ये दोनों अंदर घुसते, स्टील प्लेट हटाकर फंसा हुआ कैश निकालते और फरार हो जाते थे।

चीख सुनकर दौड़े हेड कांस्टेबल, अकेले ही दोनों को दबोचा-
यह घटना 8 जून 2026 की रात करीब 10:00 बजे की है। द्वारका साउथ थाने में तैनात हेड कांस्टेबल मनोज रामफल चौक इलाके में रूटीन गश्त पर थे। इसी दौरान उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम के पास एक नागरिक (नदीम खान) को मदद के लिए चिल्लाते सुना।

नदीम खान ने एटीएम से 8,000 रुपये निकालने का प्रयास किया था, लेकिन पैसे बाहर नहीं आए। जब वह असमंजस में थे, तभी उन्होंने दो संदिग्ध युवकों को मशीन के कैश डिस्पेंसर से स्टील की प्लेट हटाकर पैसे निकालते देख लिया। खतरा भांपकर हेड कांस्टेबल मनोज अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना तुरंत एटीएम की तरफ दौड़े और भागने की कोशिश कर रहे दोनों शातिर अपराधियों पर अकेले ही झपट्टा मारकर उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। सूचना मिलते ही थाने से अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया।

हरियाणा के नूंह के रहने वाले हैं दोनों आरोपी, दर्ज हैं कई मामले-
पकड़े गए दोनों आरोपी बेहद शातिर और पेशेवर अपराधी हैं, जो पहले भी दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में एटीएम से जुड़ी कई चोरियों में शामिल रहे हैं:

मोहम्मद हुसैन (30 वर्ष): पुत्र अब्दुल रहीम, निवासी हिंगनपुर, जिला नूंह (हरियाणा)। इस पर गुरुग्राम, जयपुर और दिल्ली के अलग-अलग थानों में चोरी, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के 4 मामले पहले से दर्ज हैं।

मोहम्मद आबिद (36 वर्ष): पुत्र अजमत, निवासी हिंगनपुर, जिला नूंह (हरियाणा)। इस पर नूंह, गुरुग्राम और दिल्ली के मोहन गार्डन थाने में चोरी और धोखाधड़ी के 5 मामले दर्ज हैं।

सख्त कार्रवाई-
द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह के अनुसार, आरोपी मोहम्मद आबिद लगातार इसी तरह के अपराधों में लिप्त रहा है। वह हाल ही में मोहन गार्डन थाने के एक मामले में जमानत पर बाहर आया था, इसलिए पुलिस अब उसकी जमानत रद्द कराने के लिए कोर्ट का रुख कर रही है।

आरोपियों के आदतन अपराधी होने के कारण पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। द्वारका साउथ थाने में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी और चोरी की धाराओं के साथ-साथ धारा 112 को भी जोड़ा गया है।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह में इनके साथ कोई और सह-आरोपी भी शामिल है या नहीं। त्वरित कार्रवाई और बहादुरी के लिए हेड कांस्टेबल मनोज की सीनियर अधिकारियों द्वारा सराहना की जा रही है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox