दिल्ली में गहराया पर्यावरण संकट, धुंध-प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता

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July 26, 2026

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दिल्ली में गहराया पर्यावरण संकट, धुंध-प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/कमला मार्किट/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- दिल्ली में रविवार के बाद सोमवार सुबह भी हवा प्रदूषित रही। दिल्ली-एनसीआर के लोगों की सुबह धुंध के साथ हुई। हालांकि यह धुंध प्रदूषण से होने वाला स्मॉग था जो हमारी सांसों के लिए बेहद हानिकारक है। पंजाब, हरियाणा में पराली जलाए जाने के कारण दिल्ली की हवा खराब हो गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिन दिल्ली के लिए मुश्किल भरे हो सकते है।
सोमवार सुबह दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के अनुसार आज सुबह आनंद विहार का वायु गुणवत्ता सूचकांक 275, रोहिणी का 263, आईटीओ का 275 और नेहरू नगर का 229 मापा गया। रविवार को वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई। दिल्ली में सुबह दस बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 218 रहा। जहांगीर पुरी में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक रहा, यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 283 रहा। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति(डीपीसीसी) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में पटपड़गंज और रोहिणी सहित कई स्थानों पर हवा खराब श्रेणी में रही। आईटीओ में वायु गुणवत्ता सूचकांक 264 दर्ज किया गया। पटपड़गंज में 228, आरके पुरम में 235 और रोहिणी में 246, रहा।
इससे पहले शनिवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 221 रहा था। वायुमंडल में प्रदूषक तत्वों के बढ़ने से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। हालांकि कुछ दिनों में इसमें मामूली सुधार की संभावना जताई जा रही है। 0.50 के बीच के वायु गुणवत्ता सूचकांक को अच्छा माना जाता है, 51-100 को संतोषजनक, 101-200 को मध्यम, 201-300 को सामान्य, 301-400 को बहुत खराब और 401-500 को गंभीर माना जाता है। रविवार को हवा खराब होने पर लोगों ने भी सांस लेने में समस्याओं का सामना किया। सुबह की सैर पर निकले लोगों को भी हवा खराब होने के कारण दिक्कत हुई। उल्लेखनीय है कि पराली जलाने के कारण दिल्ली-एनसीआर में हर साल सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है।

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