2024 के चुनाव को लेकर कांग्रेस का मंथन, प्रशांत किशोर ने दिया प्रेजेंटेशन

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2024 के चुनाव को लेकर कांग्रेस का मंथन, प्रशांत किशोर ने दिया प्रेजेंटेशन

-प्रशांत किशोर के कांग्रेस ज्वाइन करने की भी लगाई जा रही अटकले, 10 जनपथ पर कांग्रेस की हाईलेवल मीटिंग

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनावों को लेकर बड़ी तैयारी शुरू करने के संकेत दिये हैं। प्रशांत किशोर ने हाल ही में 2024 के आम चुनाव सहित बड़े चुनावों से पहले कांग्रेस को पुनर्जीवित करने में भूमिका के लिए गांधी परिवार के साथ बातचीत फिर से शुरू की है। कई दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्ष पहले भी अलग हो गए थे। पीके के करीबी सूत्रों ने कांग्रेस के इस संस्करण का खंडन किया है कि बातचीत इस साल के अंत में गुजरात चुनाव पर केंद्रित है।
                सूत्रों की माने तो कांग्रेस नेतृत्व और प्रशांत किशोर मुख्य रूप से 2024 के लोकसभा चुनाव के खाके पर चर्चा कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर कांग्रेस के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने को लेकर अटकलें चल रही हैं। इन अटकलों को आज उस समय और बल मिला जह वह पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ दिल्ली में उनके आवास पर बैठक में शामिल रहे हैं। इस बैठक में केसी वेणुगोपाल भी शामिल हैं।  
                 सूत्रों का कहना है कि गुजरात या किसी अन्य राज्य में चुनाव पीके के असाइनमेंट और जिम्मेदारी के अनुरूप हो सकते हैं। हालांकि, कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि प्रशांत किशोर की बातचीत केवल गुजरात चुनावों पर काम करने की पेशकश है। सूत्रों का कहना है कि पीके का सलाहकार की भूमिका निभाने के बजाय कांग्रेस में शामिल होना अभी भी एक संभावना मात्र है। हालाकि, इससे इंकार नहीं किया जा सकता है। ममता बनर्जी की बंगाल जीत के हफ्तों बाद पीके और गांधी परिवार के बीच बातचीत टूट गई थी। बंगाल में टीएमसी की जीत में पीके ने रणनीतिकार के रूप में एक बड़ी भूमिका निभाई। बाद में कांग्रेस ने अपने चुनाव अभियानों को संभालने के लिए पीके के एक पूर्व सहयोगी के साथ करार किया। पीके ने हाल के दिनों में कांग्रेस विशेषकर राहुल गांधी पर सार्वजनिक रूप से कटाक्ष किया था। दोनों पक्षों ने पार्टी की हालिया हार के बाद एक और दौर की बातचीत के एक समझौता करने की इच्छा दिखाई है। हालांकि, इस बात की संभावना बहुत अधिक है कि दोंनों पक्षों के बीच दूसरे राउंड की वार्ता बेकार हो सकता है।

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