2018 से फरार उद्घोषित अपराधी कोर्ट परिसर से गिरफ्तार

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September 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- दिल्ली पुलिस की द्वारका जिला पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक उद्घोषित अपराधी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। थाना थाना द्वारका साउथ के अंतर्गत पुलिस पोस्ट सेक्टर-10 की टीम ने वर्ष 2018 से वांछित आरोपी मुश्ताक पुत्र हारून को दबोच लिया। आरोपी अदालत में लंबित मामले की सुनवाई से बचता फिर रहा था और उसे पहले ही माननीय न्यायालय द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था।

विशेष टीम का गठन और सख्त निर्देश
द्वारका जिला के डीसीपी के निर्देश पर सभी एसीपी, एसएचओ और चौकी प्रभारियों को फरार व उद्घोषित अपराधियों की धरपकड़ के लिए समर्पित टीमें गठित करने के आदेश दिए गए थे। इसी क्रम में सेक्टर-10 द्वारका के चौकी प्रभारी एसआई रजत मलिक के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम में एएसआई संजीव कुमार, एएसआई मुल्क राज और हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार कुलदीप शामिल थे। पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह की देखरेख तथा एसीपी द्वारका किशोर कुमार रेवाला के मार्गदर्शन में संचालित की गई।

तकनीकी निगरानी और सतर्कता से गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने मैनुअल इनपुट और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि आरोपी अपने मामले की प्रगति जानने के लिए अदालत परिसर आ सकता है। इस आशंका के मद्देनजर संबंधित नायब कोर्ट को भी सतर्क किया गया। जैसे ही मुश्ताक अदालत पहुंचा, तत्काल पुलिस टीम को सूचना दी गई और मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया गया।

मोबाइल फ्रॉड का मामला
आरोपी के खिलाफ थाना द्वारका साउथ में दर्ज एफआईआर संख्या 336/2018 में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 174-ए और 34 के तहत मामला दर्ज है। जांच में सामने आया था कि आरोपी ने मोबाइल फ्रॉड के जरिए पीड़ित से PayTM संबंधी जानकारी हासिल कर करीब 25,998 रुपये की ठगी की थी। अदालत में पेश न होने के कारण उसे 4 दिसंबर 2023 को उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था।

पुलिस का कहना है कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी से न्याय प्रणाली को मजबूती मिलती है और कानून का पालन सुनिश्चित होता है। आरोपी को आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद न्यायालय में पेश किया गया।

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