नई दिल्ली/- गुड्स एंड सर्विस टैक्स (ळैज्) काउंसिल की बैठक में किसी भी सामान पर टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। इसके साथ ही जीएसटी काउंसिल ने कारोबार को सुगम बनाने के लिए आपराधिक कार्रवाई करने में ढील दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में शनिवार को काउंसिल की 48वीं बैठक ऑनलाइन हुई।
टैक्स चोरी मामले में दी राहत
निर्मला सीतारमण ने बताया, समय की कमी के कारण जीएसटी परिषद के एजेंडे में शामिल 15 मुद्दों में से 8 पर ही फैसला हो सका। पहले 1 करोड़ रुपए से अधिक के टैक्स चोरी मामले में आपराधिक मामले दर्ज करने की व्यवस्था थी। अब इसे 2 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
फर्जी इनवॉइस के मामलों में यह आपराधिक कार्रवाई 1 करोड़ रुपए के बाद ही शुरू हो जाएगी। फर्जी इनवॉइस में ऐसे मामले होंगे, जिनमें माल की आपूर्ति सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही। पान मसाला और गुटखा कारोबार में टैक्स चोरी रोकने की व्यवस्था के मामले पर चर्चा नहीं हो सकी। ऑनलाइन गेमिंग और कैसिनो पर जीएसटी लगाने पर चर्चा नहीं हो सकी।
इनमें आपराधिक केस नहीं बनेगा
-किसी अधिकारी के दायित्व के निर्वहन में बाधा डालना या उसे ड्यूटी करने से रोकना।
-भौतिक साक्ष्यों के साथ जान बूझकर छेड़छाड़ करना।
-सूचना देने में विफल रहना।
एसयूवी और किराएदारों के मामले में स्पष्टीकरण जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में एसयूवी गाड़ियों की परिभाषा तय की गई है। इसके अनुसार 1500 सीसी से अधिक क्षमता वाली गाड़ियों, 4000 एमएम से ज्यादा की लंबाई और 170 एमएम से अधिक के ग्राउंड क्लीयरेंस की गाड़ियों को एसयूवी कहा जाता है। मीटिंग में बताया गया है कि एसयूवी पर 28ः प्रतिशत जीएसटी और 22ः प्रतिशत सेस लगेगा। ऐसे में इस पर इफेक्टिव टैक्स रेट 50 प्रतिशत हो जाएगा।
परिषद ने सभी राज्यों में एक जैसी व्यवस्था के लिए कुछ स्पष्टीकरण भी जारी किए। मसलन 22ः प्रतिशत सेस उन्हीं वाहनों पर लागू माना जाएगा जो इन 4 शर्तों के दायरे में आएंगे-
1 गाड़ी एसयूवी हो।
2 इंजन क्षमता 1500 सीसी से अधिक हो।
3 वाहन की लंबाई 4000 एमएम से अधिक हो।
4 ग्राउंड क्लियरेंस 170 एमएम या उससे अधिक हो।
बायो फ्यूल पर जीएसटी 18ः से 5ः प्रतिशत किया
वहीं बायो फ्यूल पर जीएसटी 18ः फीसदी से घटाकर 5ः किया गया। दालों के छिलकों पर जीएसटी अब 5ः से घटाकर शून्य कर दिया गया। अब 2 करोड़ रुपए के टैक्स चोरी के मामले आपराधिक श्रेणी के नहीं माने जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी एक्ट में डिक्रिमिनलाइजेशन पर फैसला लिया गया। मतलब ये कि गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है।
ऑनलाइन गेमिंग और कैसीनो पर जीएसटी को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ
ऑनलाइन गेमिंग और कैसीनो पर जीएसटी को लेकर भी कोई फैसला नहीं हो पाया है। कुछ दिनों पहले मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह की ओर से इस पर रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है। रिपोर्ट को परिषद के लोगों के बीच भी वितरीत नहीं किया जा सका है।


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