1 जून से पर्यटकों के लिए खुली फूलों की घाटी, 31 अक्टूबर तक रहेगा प्रवेश

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1 जून से पर्यटकों के लिए खुली फूलों की घाटी, 31 अक्टूबर तक रहेगा प्रवेश

उत्तराखंड/चमोली/अनीशा चौहान/- उत्तराखंड के चमोली ज़िले की विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी को आज, 1 जून 2025, से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यह घाटी अब आगामी 31 अक्टूबर 2025 तक पर्यटकों के लिए खुली रहेगी। पहले ही दिन 45 पर्यटक घाटी के दीदार को पहुंचे। पार्क प्रशासन द्वारा सुबह द्वार पूजन कर घाटी के मुख्य द्वार को खोला गया।

यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, 300 से अधिक फूलों की प्रजातियाँ
हिमालय की गोद में बसी भ्यूंडार घाटी, जिसे फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भी जाना जाता है, यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर के रूप में चिन्हित है। यहां हर साल जून से अक्टूबर तक हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। घाटी में 300 से अधिक देसी-विदेशी फूलों की प्रजातियाँ खिलती हैं, जो इसे खास बनाती हैं।

ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक स्मिथ की खोज
यह घाटी ब्रिटिश पर्वतारोही और वनस्पति विज्ञानी फ्रैंक स्मिथ द्वारा खोजी गई थी। फूलों की घाटी अपनी दुर्लभ हिमालयी वनस्पति, जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यहां आने वाले प्रकृति प्रेमी अल्पाइन पुष्पों की सैकड़ों प्रजातियों और दुर्लभ जड़ी-बूटियों को उनके प्राकृतिक आवास में नजदीक से देख सकते हैं।

प्रवेश के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन परमिट सुविधा
इस वर्ष से घाटी में प्रवेश के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन परमिट प्रणाली लागू की गई है। भारतीय पर्यटकों के लिए शुल्क ₹200 और विदेशी पर्यटकों के लिए ₹800 प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है। पर्यटक वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर एडवांस में परमिट बुक कर सकते हैं।

सुरक्षा व संरक्षण को लेकर प्रशासन सतर्क
वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल की अगुवाई में पार्क प्रशासन ने घाटी को पर्यटकों के लिए खोलने की सभी तैयारियाँ पूर्ण कीं। उन्होंने बताया कि घाटी में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा व वन्यजीव संरक्षण को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। साथ ही, उन्होंने पर्यटकों से अपील की है कि वे घाटी की प्राकृतिक सुंदरता व जैव विविधता से छेड़छाड़ न करें और सफाई व अनुशासन का पालन करें।

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