हिजाब विवाद पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक धार्मिक पोशाक पहनने पर लगाई रोक

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 26, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

हिजाब विवाद पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक धार्मिक पोशाक पहनने पर लगाई रोक

-हाईकोर्ट कर रहा विचार, क्या हिजाब पहनना मौलिक अधिकारों में आता है

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/कर्नाटक/भावना शर्मा/- कर्नाटक में मुस्लिम लड़कियों के हिजाब पहनने से जुड़े मुद्दे ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे में अब छात्रों के साथ-साथ धार्मिक संगठन व राजनैतिक पार्टियां भी कूद पड़ी हैं जिसे लेकर राज्य में तनाव की स्थिति भी बन गई है। हालांकि इस पूरे विवाद पर कर्नाटक हाई कोर्ट की बड़ी बेंच में आज सुनवाई हुई। कर्नाटक उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी, न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित और न्यायमूर्ति जेएम काजी की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा है कि जब तक इस मामले में अदालत कोई फैसला नहीं सुनाता है, तब तक छात्र हिजाब पहनने की जिद ना करें। कोर्ट ने कहा है कि अगली सुनवाई तक छात्र धार्मिक पोशाक नहीं पहनेंगे। इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश संजय हेगड़े ने कहा, कर्नाटक शिक्षा अधिनियम में यूनिफॉर्म से संबंधित कोई विशेष प्रावधान नहीं है। मामले की सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा, हम इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं कि क्या हिजाब पहनना मौलिक अधिकारों के अंतर्गत आता है। कर्नाटक हाई कोर्ट में इस मामले पर अब सोमवार को सुनवाई होगी।
              याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने कहा, पहले के समय में यूनिफॉर्म केवल स्कूल तक ही सीमित था, कॉलेजों के लिए यूनिफॉर्म काफी बाद में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक शिक्षा अधिनियम में युनिफॉर्म कोड को लेकर दंड का कोई प्रावधान नहीं है। कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को छात्रों के साथ व्यवहार में अत्यधिक संयम बरतते हुए कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही छात्रों को सांप्रदायिक तत्वों के झांसे में नहीं आने की अपील की है। कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा कुछ लोग हिजाब विवाद को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का हथियार बनाने पर तुले हुए हैं। इस बीच कर्नाटक हाईकोर्ट ने मीडिया से इस मुद्दे पर अपने मन से कोई भी रिपोर्ट देने पर रोक लगा दी है। उन्होंने मीडिया से इस मामले पर अंतिम आदेश तक प्रतीक्षा करने को कहा है।
              इससे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट में हिजाब विवाद को लेकर बुधवार को सुनवाई की गई थी। जस्टिस कृष्णा दीक्षित की एकल पीठ ने इस पूरे मामले को बड़ी बेंच को भेज दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा, हमने इसपर जो शोध किया है, वह सीमित है। एक सवाल यह उठता है कि क्या हिजाब पहनने के अधिकार का वर्तमान दावा जरूरी धार्मिक प्रथा के तहत आता है? उन्होंने कहा, अब यह एक बड़ा मुद्दा बन गया है और हर किसी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं। मेरा निवेदन है कि मेरे साथी वकील ने अपनी बातें रख दी हैं। अब यह राज्य के लिए बहस करने का वक्त है और फिर अदालत को फैसला सुनाना है।
              इससे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते हिजाब विवाद के बीच छात्रों और आम लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की ह।।. तटीय शहर उडुपी में सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी महिला कॉलेज में पढ़ने वाली कुछ छात्राओं की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए इस मामले के बड़ी बेंच को भेज दिया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox