
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- हाईकोर्ट ने शुक्रवार को लोनी रोड पर स्थित पुराने दो मंजिला हनुमान मंदिर के विध्वंस पर रोक लगा दी है। दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तुषार राव गेदेला ने सुनवाई की अगली तारीख तक पीडब्ल्यूडी द्वारा जारी किए गए 3 मई के पत्र के तहत हनुमान मंदिर को हटाने के लिए किसी भी प्रतिवादी (सरकारी प्राधिकरण) द्वारा कोई कठोर कार्रवाई करने के लिए मना किया है।
जानकारी के लिए बता दें कि अदालत ने सुनवाई 9 अगस्त तय की है। अदालत दिल्ली सरकार और पीडब्ल्यूडी को मंदिर को गिराने या खाली करने से रोकने की मांग करने वाले प्रदीप कुमार शर्मा की याचिका पर सुनवाई कर रही है। शर्मा ने अदालत को बताया कि उनके अनुसार सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार 1940 से बहुत पहले बने मंदिर की देखभाल और रखरखाव उनके परिवार द्वारा पिछले 60 वर्षों से अधिक समय से की जा रही है।





More Stories
22 अफसरों पर तत्काल गाज, अपर आयुक्त आबकारी मामले में शासन के हाथ क्यों बंधे?
आरटीआई पर लापरवाही पड़ी भारी, दंडात्मक कार्रवाई से बचने नियमों को समझें अधिकारी
प्राचीन श्री रामलीला हल्द्वानी: शबरी देखी राम गृह आए। मुनि के बचन समुझि जिय भाए”
राहुल गांधी का मानसिक संतुलन खराब हो गया है, देश से मांफी मांगें : अजय भट्ट, सांसद
ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत, दंपती और तीन बच्चों की गई जान; जांच शुरू
रूस से तेल-गैस खरीदने पर नहीं लगेगा कोई टैरिफ, ट्रंप ने भारत समेत पांच देशों को दी राहत