हरियाणा के परिणाम से कांग्रेस में खींचातानी, कुमारी शैलजा लड़ना चाहती थी चुनाव लेकिन…

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August 12, 2026

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हरियाणा के परिणाम से कांग्रेस में खींचातानी, कुमारी शैलजा लड़ना चाहती थी चुनाव लेकिन…

मानसी शर्मा /-  हरियाणा विधानसभा चुनाव के रुझानों में कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ा है। कई सीटों पर फाइनल नतीजे भी आने लगे हैं। ऐसे में आंकड़ा बदलता नहीं दिख रहा है। अब तक 50 सीटों पर भाजपा आगे है। जबकि कांग्रेस 30-32 सीटों पर आगे है। इस तरह से भाजपा ने अपना वर्चस्व हरियाणा में कायम रखा है। इन रुझानों के बीच कांग्रेस के नेताओं का चेहरा उतरा हुआ है। वहीं, कुमारी शैलजा का बयान भी आया है। उन्होंने माना कि यह नतीजा हैरान करने वाला है इसके लिए उन्होंने मंथन करने की बात कही।

कुमारी शैलजा का सवाल पर सवाल

कुमारी सैलजा ने मीडिया से बात करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बिल्कुलकुल गलती है। उन्होंने कहा कहां हम 60 सीट जीतने की बात करते थे। हम संघर्ष कर रहे हैं और कई सीटों पर आगे चल रहे हैं। आखिरी नतीजे तक हम इंतजार करेंगे। देखना होगा कि कहां चूक हुई है। ये भी देखेंगे कि क्या भाजपा ने खेला कर दिया है। दलित समाज के बीच क्या संदेश गया है क्या उसका ये नतीजा है। इस पर कुमारी शैलजा ने कहा कि यह तो सच्चाई है कि मैं लड़ना चाहती थी लेकिन व्यक्तिगत बातों से बचाना चाहिए। फिर भी हमें यह देखना चाहिए कि आखिर राज्य में हमें कैसे झटका लगा और हम जीत नहीं सकें।

चुनाव लड़ना चाहती थीं कुमारी शैलजा

दरअसल कुमारी शैलजा का यह बयान भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए एक सकेंत माना जा रहा है कि उन्हें नजरअंदाज करने या फिर किनारे करने का नतीजा है। शैलजा ने कहा कि यह तो साफ है कि मैं चुनाव में उतरना चाहती थी लेकिन मौका नहीं मिला। इस तरह से कुमारी शैलजा ने इशारों में ही सही लेकिन नतीजों में पिछड़ने के लिए भूपेंद्र हुड्डा और उनके खेमे मे तंज कसा है। बता दें कि कुमारी शैलजा खुद को सीएम फेस के तौर पर पेश कर रहीं थीं। उनका कहना है कि हरियाणा में कभी दलित सीएम नहीं रहा है। इसलिए उन्हें भी मौका मिलना चाहिए। हालांकि हुड्डा ही हावी दिखे और उनके ही कहने पर पार्टी ने 72 टिकट दिए थे।

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