सेहतमंद रहना है तो जीवनशैली में जोड़े खाने की खास पद्धति

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सेहतमंद रहना है तो जीवनशैली में जोड़े खाने की खास पद्धति

-जापान के लोग इसे अपनाकर रहते है ज्यादा सेहतमंद व पाते है लंबी उम्र

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/हैल्थ डेस्क/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- विश्व में जापान के लोग अपनी अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए जाने जाते हैं। इसके पीछे उनकी अच्छी लाइफस्टाइल, सफाई की आदत और अच्छा खान-पान माना जाता है। जापान के लोग अपने फूड में ज्यादातर ऐसी चीजें शामिल करते हैं जो शरीर में नेचुरल तरीके से इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करती हैं जैसे कि फर्मेंटेड फूड. जापान के लोग हर खाने को फर्मेंट करके तैयार करने की कोशिश करते हैं। यही उनकी अच्छी सेहत का राज है।
                     तो आईये जानते फमेंटेड फूड के बारे में- फर्मेंटेड फूड वो होते हैं जिन्हें यीस्ट यानी खमीर बनाकर तैयार किया जाता है. इस तरह के फूड को बनाने के लिए इस्तेमाल सामग्री को रात भर या रूम टेंपरेचर प कुछ घंटों के लिए रखा जाता है। इस दौरान खमीर बनने की प्रक्रिया शुरू होती है। फर्मेंटेशन बैक्टीरिया या फंगस आर्गेनिक कम्पाउंड को एसिड में बदल देते हैं। ये एसिड एक नेचुरल प्रिजर्वेटिव के तौर पर काम करता है। फर्मेंटेड फूड स्वाद में थोड़े खट्टे होते हैं।
                    फर्मेंटेशन से बने फूड सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। जापान में फर्मेंटेशन का इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है। कॉफी और चॉकलेट बीन्स को भी यहां.फर्मेंट करके तरह-तरह की डिश बनाई जाती है। इसके अलावा यहां अनाज को पीस कर, दूध को पाश्चुराइज कर और मीट के छोटे-छोटे टुकड़े कर फर्मेंटेड फूड बनाया जाता है।.ये एक तरह से प्रोसेस्ड फूड की तरह होते हैं जिसे जापान के लोग बड़े चाव से खाते हैं।
जापान के लोग अपने खाने के हिसाब से खमीर बनाते हैं। किसी फूड में ये दो सप्ताह तक अनाज फर्मेंट करते हैं जैसे कि वाइन बनाने के लिए अंगूर को दो सप्ताह तक फर्मेंट किया जाता है। वहीं यहां के फेमस फूड सुशी और फनाजुशी को बनाने के लिए चावलों को दो-तीन सालों तक फर्मेंट किया जाता है। कान्सास यूनिवर्सिटी में जापानी इतिहास के प्रोफेसर एरिक रथ ने डिस्कवर मैगजीन को बताया, ’फर्मेंटेड फूड के बिना जापान के पारंपरिक भोजन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।’
                      जापान में फर्मेंटेशन की इस प्रक्रिया को हक्को कहा जाता है जिसका इस्तेमाल किसी भी खाने को हेल्दी और स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है। एरिक ने बताया,.’सुकेमोनो (अचार), मिसो (फर्मेंटेड सोया बीन पेस्ट) हो या फिर सोया सॉस, शायद ही कोई ऐसा फूड हो जिसे फर्मेंट करके ना बनाया जाता हो.।  नट्टो, कत्सुओबुशी और नुकाजुक जैसे फेमस फूड और यहां की खास अल्कोहल ड्रिंक शेक और शुचू भी फर्मेंटेशन से ही बनाई जाती हैं। जापान में फर्मेंटेड फूड की लिस्ट बहुत लंबी है।
                      जापान में कोजी मोल्ड के एक्सपर्ट शिओरी काजीवारा के अनुसार, ’फर्मेंटेड फूड जापान के लोगों की जिंदगी हैं। पूरी दुनिया में भी लोग धीरे-धीरे फर्मेंटेड फूड.को पसंद करने लगे हैं। हमें डाइट में ज्यादा से ज्यादा फर्मेंटेड फूड शामिल करना चाहिए। ये डायबिटीज और हाइपरटेंशन से बचाते हैं और इनमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है। ये कई तरह के विटामिन से भरपूर होते हैं। फर्मेंटेड मिल्क, फल, सब्जियां, मीट और फिश ना सिर्फ दिमाग के लिए बल्कि नर्वस सिस्टम के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं।
                      जापान के एक्सपर्ट्स के अनुसार, फर्मेंटेशन से बनाया गया नट्टो शरीर में फाइबर, कैल्शियमस आयरन और पोटैशियम की मात्रा बढ़ाता है।. साथ ही ब्लड प्रेशर भी कम करने का काम करता है। फर्मेंटेड फूड शरीर में प्रोबायोटिक की तरह ही काम करते हैं। इसके बैक्टीरिया आंतों के लिए फायदेमंद होते हैं। ये शरीर में इम्यूनिटी बढ़ाने का भी काम करते हैं। ये डाइजेशन सुधारने के साथ पेट से जुड़ी सारी दिक्कत दूर करते हैं। ये विटामिन बी 1 की कमी को भी पूरा करते हैं।
                       फर्मेंटेड फूड के अलावा इन लोगों के हेल्दी रहने के और भी कई कारण हैं। पूरी दुनिया में जापान में डायबिटीज और दिल के मरीजों की संख्या बहुत कम है। जापान के लोग कम मात्रा में खाना खाते हैं। यही वजह है कि खूब सारा चावल और कार्बोहाइड्रेट खाने के बावजूद यहां के लोग जल्दी मोटे नहीं होते हैं। स्टडीज के मुताबिक, अन्य देशों की तुलना में जापान के लोग फिजिकल एक्टिविटी ज्यादा करते हैं।  

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