सिख दंगों के एक मामले में पूर्व कांग्रेसी सांसद सज्जन कुमार को मिली जमानत, पर रहना होगा जेल में

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सिख दंगों के एक मामले में पूर्व कांग्रेसी सांसद सज्जन कुमार को मिली जमानत, पर रहना होगा जेल में

-दिल्ली सिख दंगों के आरोपो में पूर्व सांसद वर्षों से जेल में बंद है और जमानत के बाद भी अभी रहेंगे
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को कांग्रेसी के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को 1984 के सिख दंगों के एक मामले में जमानत दी है। न्यायाधीश एम के नागपाल ने बुधवार को दिए फैसले में आरोपी सज्जन की जमानत एक लाख के निजी मुचलके व दो अन्य जमानती पेश करने की शर्त पर स्वीकार की है। अदालत ने आरोपी को साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने व गवाहों से संपर्क नहीं करने का निर्देश दिया है।
               इस मामले में जमानत के बावजूद आरोपी जेल में ही रहेगा क्योंकि वह नरसंहार से संबंधित एक अन्य मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। अदालत ने अभियोजन पक्ष के उस तर्क को खारिज कर दिया कि जमानत के बाद आरोपी गवाहों को धमकाने, या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने व जमानत पर रिहा होने पर फरार हो सकता है।
            इसके अलावा उच्च न्यायालय ने करीब डेढ़ दर्जन मामलों के आरोपी सुरेश कुमार को भी जमानत प्रदान कर दी। उस पर एक ही संपत्ति को कई बार गिरवी रखकर बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने अपने फैसले में कहा कि जांच के दौरान आवेदक को गिरफ्तार नहीं किया गया था और पूरक आरोप पत्र भी बिना गिरफ्तारी के दायर किया गया है। अदालत ने कहा कि मामले में सह आरोपी को पहले ही जमानत दे दी गई थी।
                आरोपी सुरेश पर आरोप है कि वह स्कैनिंग और प्रिंटिंग के अच्छे ज्ञान के साथ कंप्यूटर चलाने में माहिर हैं। उसे एक संदीप नामक व्यक्ति ने काम की पेशकश की थी जो दो अन्य लोगों के साथ बैंकों में धोखाधड़ी में शामिल है। आरोपी पर कंप्यूटर, स्कैनर, फोटोकॉपियर और अन्य गजेट की मदद से दस्तावेज की सामग्री को स्कैन और प्रिंट करने और मूल दस्तावेज में विवरण हटाकर और अन्य विवरण डालने के साथ-साथ अपनी उंगलियों के निशान लगाकर प्रतियां तैयार करने का आरोप है।
                कोर्ट ने कहा कि मामले में सबूत पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं, बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक प्रकृति के थे और आवेदक के साथ छेड़छाड़ की संभावना कम है ऐसे में वे जमानत स्वीकार करते है।

पूर्व रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा को मिली जमानत
अदालत ने बृहस्पतिवार को अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले से जुड़े एक मामले में पूर्व रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा को जमानत दे दी। सीबीआई ने जमानत पर आपत्ति नहीं जताई। विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने शर्मा को दो लाख रुपये के निजी मुचलके और उतनी ही राशि के एक जमानती के साथ राहत प्रदान की है। शर्मा अदालत द्वारा जारी समन के आधार पर पेश हुए थे।
               शर्मा की ओर से पेश हुए वकीलों ने अदालत से कहा कि वह निर्दोष है और उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने 11 अप्रैल को 3,600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदा से संबंधित मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दायर पूरक आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए पूर्व रक्षा सचिव और पूर्व सीएजी शशिकांत शर्मा व वायु सेना के चार अधिकारियों को तलब किया था।

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