सभी विश्वविद्यालयों के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन एक स्वागत योग्य कदम : सौरभ कुमार

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सभी विश्वविद्यालयों के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन एक स्वागत योग्य कदम : सौरभ कुमार

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा – एनटीए द्वारा सीयू-ईटी 2022-23 के बारे में विस्तार से घोषणा किए जाने के बाद शीर्ष शिक्षण संस्थानों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। डीयू और जेएनयू ने सीयू-ईटी का हिस्सा बनने पर सहमति जता दी है, लिहाजा एक संयुक्त प्रवेश परीक्षा के जरिये ज्यादातर केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला पाना अब हकीकत बनता लग रहा है। सभी विश्वविद्यालयों के लिए प्रवेश परीक्षा हो जाने से लगातार बढ़ते कट-ऑफ (डीयू की तरह) की चिंता दूर हो जाएगी और क्षेत्रीय भाषी अभ्यर्थियों के लिए भी मौके बढ़ेंगे, क्योंकि संयुक्त परीक्षा अंडरग्रैजुएट स्तर पर 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित होने वाली है। अंडरग्रैजुएट स्तर पर संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराने का मकसद छात्रों को रट्टामार पद्धति से पढ़ाई करने के बजाय उनकी महत्वपूर्ण कल्पना क्षमता को विकसित करने पर है। विद्यामंदिर क्लासेज के चीफ  एकेडमिक अफसर सौरभ कुमार बताते हैं, सीयू-ईटी एकल विंडो प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराएगा जिससे छात्रों को दाखिला पाने में अधिक सुविधा और आसानी होगी। उन्हें अब विभिन्न कठिन स्तरों को पार करते हुए अलग-अलग विश्वविद्यालयों के लिए प्रवेश परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी। इससे छात्रों का समय, प्रयास और पैसा भी बचेगा जो वे कई तरह के प्रवेश परीक्षा शुल्क के नाम पर खर्च करते आ रहे थे। सभी विश्वविद्यालयों के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन एक स्वागत योग्य कदम है। यह भारी-भरकम सिलेबस को रटने के बजाय कॉन्सेप्ट आधारित समझ, महत्वपूर्ण कल्पनाशक्ति, संपूर्ण दक्षता और निर्णय लेने की क्षमता पर ज्यादा फोकस करते हुए परंपरागत शैक्षणिक मानकों में बदलाव लाएगा। यह सुधारवादी प्रक्रिया छात्रों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का बोझ कम करेगी और दाखिले की प्रक्रिया में पर्याप्त वस्तुनिष्ठ प्रश्न शामिल किए जाएंगे जिससे राष्ट्रीय स्तर पर एक ही परीक्षा के तहत आवेदकों को दाखिले के समान अवसर मिलेंगे।
                  राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत समर्थित की गई केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयू ईटी) कोई नई परिकल्पना नहीं है। सबसे पहले इसका आयोजन 2020 में 7 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अंडरग्रैजुएट, पोस्टग्रैजुएट तथा एकीकृत पाठ्यक्रमों की 1,500 सीटों के लिए किया गया था। शैक्षणिक वर्ष 2021-22 तक असम विश्वविद्यालय, कर्नाटक विश्वविद्यालय, केरल विश्वविद्यालय, हरियाणा विश्वविद्यालय जैसे 12 केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने सीयू-ईटी के जरिये ही दाखिला लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, सीयू-ईटी आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को जिम्मा सौंपा गया है और जेईई प्रवेश परीक्षा की तरह 2022-23 से इसे भी साल में दो बार आयोजित किया जा सकता है। विद्यामंदिर क्लास ने भी अग्रणी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला सुनिश्चित कराने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है।
               परीक्षा संभवतया दो वर्गों में बंटी होगी पहला, छात्रों की सामान्य दक्षता की परख पर केंद्रित रहेगा, वहीं दूसरे वर्ग में उस विशेष विषय से प्रश्न पूछे जाएंगे जिसमें छात्र दाखिला लेना चाह रहे हैं। सभी विश्वविद्यालयों के लिए यह प्रवेश परीक्षा अलग-अलग बोर्ड के छात्रों का आकलन एक जैसी मूल्यांकन पद्धति पर करेगी। चूंकि अलग-अलग बोर्ड में 12 का मूल्यांकन अलग-अलग तरीके से होता है, इसलिए 12वीं के अंकों में हमेशा अंतर देखा गया है और इस वजह से प्रतिष्ठित कॉलेजों में दाखिला पाने वाले छात्रों को समान अवसर नहीं मिल पाता है।

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