नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दो दिनो से स्थिर रहने के बाद बुधवार को बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण गिरकर 281.9 लाख करोड़ रुपये रह जाने से सेंसेक्स 660 अंक से अधिक अंकों तक टूट गया। इससे निवेशकों को 2.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
लगातार तीन दिन से चल रही गिरावट बुधवार को सात महीने की सबसे बड़ी गिरावट बनकर उभरी। सेंसेक्स बुधवार को 636 अंकों की गिरावट के साथ 60657 अंकों के लेवल पर, निफ्टी 189 अंकों की गिरावट के साथ 18042 और बैंक निफ्टी 476 अंकों की गिरावट के साथ 42948 अंकों के लेवल पर बंद हुआ। यह सब मंगलवार रात अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मिनट्स जारी होने के पहले दलाल स्ट्रीट में दहशत फैल गई और फिर सेंसक्स गिरता चला गया।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 28 गिरावट लाल निशान पर बंद हुए
सेंसेक्स के टॉप-30 शेयरों में केवल दो शेयर- मारुति और टीसीएस तेजी के साथ बंद हुए। बाकी सभी 28 शेयर लाल निशान पर बंद हुए। टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और पावरग्रिड जैसी कंपनियों के शेयर सेंसेक्स के टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे।


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