शिकारपुर गाँव की टूटी सड़कों से लोग परेशान, झाटीकरा मार्ग हुआ बदहाल

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
July 27, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

शिकारपुर गाँव की टूटी सड़कों से लोग परेशान, झाटीकरा मार्ग हुआ बदहाल

-वर्षों से मरम्मत का इंतज़ार कर रही सड़कें

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  राजधानी दिल्ली की मटियाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला शिकारपुर गाँव इन दिनों बदहाल सड़कों की समस्या से जूझ रहा है। गाँव से झाटीकरा होते हुए घूमनहे तक जाने वाला मुख्य मार्ग कई वर्षों से मरम्मत का इंतज़ार कर रहा है। जर्जर हालात और उखड़ी हुई सड़कें यहाँ के निवासियों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनी हुई हैं।

हर रोज़ की परेशानी बनी सड़क
गाँव के लोग बताते हैं कि सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढे और टूटी सतह के कारण वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों को रोज़मर्रा की आवाजाही के दौरान घंटों जाम और ख़तरनाक स्थिति से गुजरना पड़ता है। बरसात के दिनों में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब पानी भरने से गड्ढे दिखाई भी नहीं देते और हादसों का डर बना रहता है।

बच्चों और बुज़ुर्गों को सबसे ज़्यादा दिक़्क़त
गाँव के लोगों के मुताबिक, इस टूटी सड़क का सबसे बुरा असर बच्चों और बुज़ुर्गों पर पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती है, वहीं बीमार और बुज़ुर्ग मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी बड़ी रुकावट आती है। कई बार एंबुलेंस को भी सड़क पर बने गड्ढों और जाम की वजह से परेशानी झेलनी पड़ती है।

वादे अधूरे, जनता नाराज़
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार इस समस्या को नेताओं और प्रशासन के सामने रख चुके हैं। चुनावी समय में सड़क को दुरुस्त करने के वादे भी किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि चुनाव बीतते ही नेताओं को जनता की समस्याओं की परवाह नहीं रहती।

जल्द समाधान की उम्मीद
फिलहाल शिकारपुर गाँव के लोग टूटी-फूटी सड़कों से बेहद परेशान हैं और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के लिए जीवनरेखा है, और इसकी मरम्मत न होने तक उनकी परेशानियाँ दूर नहीं होंगी। अब सबकी नज़र सरकार और अधिकारियों पर है कि वे कब तक इस गंभीर समस्या का समाधान करते हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox