शरद पवार ने मोदी को याद दिलाया उनका 2016 का बयान

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

शरद पवार ने मोदी को याद दिलाया उनका 2016 का बयान

-कहा-‘मेरी उंगली पकड़कर’ राजनीति में आने की बात करने वाले मोदी का रुख अब बदल गया

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए मोदी को उनका 2016 का बयान याद दिलाया। उन्होने सोमवार को कहा कि उनकी उंगली पकड़कर राजनीति में आने संबंधी नरेन्द्र मोदी के 2016 के बयान का अब मतलब बदल गया है। उन्होने कहा कि अब प्रधानमंत्री का ‘‘अलग रुख’’ है। पवार ने संसदीय चुनावों से पहले महाराष्ट्र के पुणे जिले में बारामती लोकसभा क्षेत्र में एक सभा को संबोधित करते हुए ‘‘व्यक्तिगत हमले’’ करने और ‘‘अलग विचारधारा वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए’’ प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं केंद्रीय कृषि मंत्री था, तब मैंने गुजरात की बहुत मदद की थी। उस समय मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे। मैंने यह नहीं देखा कि वह किस पार्टी से जुड़े थे। मैंने देखा कि उनके राज्य में किसानों को खुश करने की जरूरत थी और इसलिए मैंने उनकी मदद की।’’ राकांपा (एसपी) प्रमुख ने कहा, ‘‘एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि वह बारामती आना चाहते हैं। उस समय उन्होंने अपने भाषण में कहा थाः पवार साहब ने मेरी उंगली पकड़ी थी और मैंने अब तक जो भी (विकास) कार्य किये हैं, उन्होंने ही मुझे सिखाये थे। लेकिन आज वह एक अलग रुख अपना रहे हैं।’’
          उन्होंने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्तिगत आलोचना करता है या अलग रुख अपनाता है, तो उसे जेल में डाल दिया जाता है। पवार ने कहा, ‘‘क्या यही लोकतंत्र है? नहीं, यह तानाशाही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर सत्ता किसी एक व्यक्ति के हाथ में जाती है तो वह भ्रष्ट हो जाती है। अगर सत्ता अधिक लोगों के हाथ में होती है, तो वह गलत रास्ते पर नहीं जा सकती।’’

          बारामती की लड़ाई ‘‘पवार बनाम पवार नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी और राहुल गांधी के बीच’’ होने संबंधी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हालिया बयान का जिक्र करते हुए राकांपा (एसपी) प्रमुख ने चुटकी ली कि क्या कांग्रेस नेता वोट मांगने के लिए बारामती आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘क्या वह वोट मांगने के लिए यहां आ रहे हैं? यह एक नई बात है। वे महाराष्ट्र के लिए वोट देने के बारे में बात नहीं कर रहे हैं; वे मोदी या गांधी के बारे में बात कर रहे हैं। मेरे लिए, इस चुनाव का मतलब यह देखना है कि यहां के मतदाताओं की सामूहिक शक्ति राष्ट्रीय स्तर पर अच्छे कार्यों का मार्ग कैसे प्रशस्त कर सकती है।’’
         उन्होंने अपने भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के भाजपा से हाथ मिलाने के फैसले के बारे में कहा कि कुछ लोगों ने अतिवादी कदम उठाया। शरद पवार ने कहा, ‘‘आज भाजपा ग्रामीण इलाकों में आम लोगों और किसानों की चिंता करने वाली पार्टी नहीं है। पार्टी मुट्ठी भर लोगों की है, इसलिए आम मतदाताओं ने भाजपा के साथ जाने के लिए (अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा को) वोट नहीं दिया था।’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले राज्य विधानसभा चुनावों में बारामती के लोगों ने पूरे दिल से मतदान किया और उनका वोट (तब अविभाजित) राकांपा के नाम पर था।
          उन्होंने कहा, ‘‘आज, कुछ लोग उस तथ्य को भूल गए हैं और एक अलग रास्ते पर जा रहे हैं। मुझे लगता है कि यह गलत रास्ता है, उस रास्ते पर जाना बंद कर देना चाहिए और लोगों को सही रास्ते पर चलना चाहिए।’’ शरद पवार ने अपनी बेटी और बारामती से मौजूदा सांसद सुप्रिया सुले के समर्थन में कहा कि उन्हें इस सीट से उनकी पार्टी की उम्मीदवार के बारे में बात करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि संसद उनके बारे में बोलती है।
         उन्होंने कहा, ‘‘सुप्रिया का नाम उन तीन सांसदों में शामिल है, जिन्होंने 90 फीसदी उपस्थिति के साथ बेहतरीन काम किया है। अब तक किसी ने भी उन पर एक भी आरोप नहीं लगाया है। मैंने उन्हें संसद में आपका पक्ष रखने के लिए नामित किया है। मैं आपसे उस (राकांपा के विभाजन के बाद उनकी पार्टी के) नए चिह्न ‘तुरही बजाते व्यक्ति’ के लिए वोट करने की अपील करूंगा।’’ बारामती में सुले का मुकाबला अजित पवार की पत्नी और राकांपा उम्मीदवार सुनेत्रा पवार से है। महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीट पर 19 अप्रैल से 20 मई तक पांच चरण में मतदान होना है। बारामती में सात मई को मतदान होगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox