वैश्विक तनाव का असर: एलपीजी आपूर्ति प्रभावित, कई शहरों में इंडक्शन चूल्हों का सहारा

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August 4, 2026

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नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का असर अब दुनिया भर की ऊर्जा आपूर्ति पर दिखाई देने लगा है। संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़े टकराव के कारण एलपीजी गैस की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई प्रभावित हो गई है। इसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया क्षेत्र से होने वाली गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण एलपीजी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है, जिससे कई शहरों में गैस संकट की स्थिति बनने लगी है।

बड़े शहरों के होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित
गैस की सप्लाई में आई रुकावट का सीधा असर देश के प्रमुख महानगरों के होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ रहा है। बेंगलुरु, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में कई होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को रसोई संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर गैस की कमी के कारण किचन अस्थायी रूप से बंद करने पड़े हैं, जबकि कई प्रतिष्ठानों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन चूल्हों और इलेक्ट्रिक उपकरणों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

उद्योग और उपभोक्ताओं में बढ़ी चिंता
एलपीजी की सीमित उपलब्धता के चलते व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं दोनों में चिंता बढ़ गई है। होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो इसका असर कारोबार और रोजमर्रा की सेवाओं पर भी पड़ेगा। वहीं ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां सामान्य होने तक गैस बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

सरकार और कंपनियां विकल्प तलाशने में जुटीं
स्थिति को देखते हुए सरकार और गैस आपूर्ति से जुड़ी कंपनियां वैकल्पिक स्रोतों की तलाश में जुटी हैं, ताकि घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशानी न हो। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि फिलहाल इंडक्शन और अन्य इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम का उपयोग बढ़ने की संभावना है, जिससे गैस पर निर्भरता कुछ हद तक कम की जा सके।

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