हरियाणा/झज्जर/सिमरन मोरया/- बादली क्षेत्र के गांव गुभाना स्थित लोकहित पुस्तकालय में भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी मंगल पांडे की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और देश की आजादी के लिए उनके अमूल्य योगदान को याद किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लोकहित पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष नरेश कौशिक ने मंगल पांडे के जीवन और उनके संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई 1827 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम दिवाकर पांडे था।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1849 में मंगल पांडे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना की 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री में भर्ती हुए थे। वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंककर देशवासियों में आजादी की अलख जगाई। अंग्रेजी शासन ने उन्हें विद्रोही घोषित किया, लेकिन भारतीय इतिहास में उन्हें स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम नायकों में सम्मानपूर्वक याद किया जाता है।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि मंगल पांडे का साहस, देशभक्ति और बलिदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्शों पर चलकर ही देश को मजबूत और समृद्ध बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर सूबेदार मेजर सुरेश कुमार, जय भगवान, प्रधान पहलवान, रामकुमार, बलेशा, दीपक कौशिक, जगमोहन उर्फ मोहना, साहिल कौशिक सहित अनेक ग्रामीणों ने मंगल पांडे के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के संकल्प के साथ हुआ।


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