लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की फटकार, बोले– विपक्ष का रवैया लोकतंत्र के खिलाफ

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August 2, 2026

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की फटकार, बोले– विपक्ष का रवैया लोकतंत्र के खिलाफ

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-   गुरुवार 21 अगस्त को संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी दलों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि विपक्ष का व्यवहार न तो लोकतंत्र की मर्यादा के अनुरूप है और न ही संसद की गरिमा को बनाए रखने वाला। विशेषकर बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और अन्य मुद्दों पर विपक्ष के लगातार हंगामे को उन्होंने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

हंगामे से बाधित हुई कार्यवाही
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान कुल 120 घंटे की चर्चा निर्धारित थी, लेकिन विपक्ष के शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण केवल 37 घंटे ही चर्चा हो सकी। इस दौरान 419 प्रश्न पूछे गए, जिनमें से केवल 55 के ही मौखिक उत्तर दिए जा सके। 14 सरकारी विधेयकों में से 12 पारित हुए, लेकिन कई अहम विषयों पर चर्चा अधूरी रह गई। ओम बिरला ने कहा, “देश की जनता देख रही है कि किस तरह महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को बाधित किया जा रहा है।”

विपक्षी सांसदों का आचरण और अध्यक्ष की नाराज़गी
सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों ने बार-बार नारेबाजी की और तख्तियां लहराईं। कुछ सांसदों ने तो गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गए संविधान संशोधन विधेयक की प्रतियां तक फाड़ दीं और कागज़ उनकी ओर फेंके। इस पर नाराज़गी जताते हुए ओम बिरला ने कहा कि यह कृत्य अत्यंत अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि सांसदों को जनता ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और चर्चा करने के लिए चुना है, न कि सरकारी संपत्ति नष्ट करने और हंगामा करने के लिए।

लोकतंत्र और संसद की गरिमा बनाए रखने की अपील
ओम बिरला ने जोर देकर कहा कि संसद विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच है, जहां देश की 140 करोड़ जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे नियोजित गतिरोध से बचें और रचनात्मक बहस में हिस्सा लें।

उन्होंने कहा कि असहमति लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन इसे संसदीय परंपराओं और मर्यादाओं के अनुरूप व्यक्त किया जाना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी नेताओं, खासकर राहुल गांधी से, अपने सांसदों को गरिमामय आचरण के लिए प्रेरित करने की भी अपील की।

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