
उत्तर प्रदेश/अनीशा चौहान/- उत्तर प्रदेश की सियासत से एक बड़ी हलचल देखी गई। जिसमें पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने पहुंचे। मुलाकात करने के लिए बृजभूषण खुद लखनऊ स्थित सीएम आवास आए थे। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बात हुई। आपको बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह सीएम योगी आदित्यनाथ के सरकारी निवास पर पहली बार मिलने पहुंचे। सीएम योगी से इस मुलाकात को यूं तो शिष्टाचार कहा जा रहा है। लेकिन, इस मुलाकात के सियासी कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद बृजभूषण और सीएम योगी की सियासी दूरी खत्म हो सकती है।सीएम योगी से मिले बृजभूषण शरण सिंह दरअसल, बृजभूषण शरण पूर्वांचल में योगी के ‘विरोधी’ के तौर पर जाने जाते रहे हैं और इस बात को बृजभूषण ने कभी छिपाया भी नहीं। हाल में एक चैनल से बातचीत के दौरान भी उन्होंने कहा था कि ‘मैं नहीं जाता उनके यहां, मेरे परिवार के लोग योगी से मिलते रहते हैं। लेकिन 21जुलाई को वह खुद सीएम से मिलने पहुंच गए। गौरतलब है कि लंबे सियासी गतिरोध के बाद बृजभूषण सिंह CM योगी से मिलने पहुंचे हैं।लोकसभा चुनाव में कटा टिकटहालांकि, इसके पीछे की वजह क्या है, ये अभी साफ नहीं मुलाकात क्यों हुई है। मगर कहा जा रहा है कि यह मुलाकात दोनों के बीच कई सालों से बंद बातचीत के दरवाजे खोल सकती है। साथ ही इसके बड़े सियासी मायने भी हैं। खासकर पूर्वांचल की राजनीति और 2027 के चुनावी समीकरणों के लिहाज से ये मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है। बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह कैसरगंज से भाजपा के सांसद रह चुके हैं। साथ ही डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। राम मंदिर आंदोलन के दौरान भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। लेकिन, महिला पहलवानों के आरोपों के बाद बीते लोकसभा चुनाव में उनका टिकट नहीं दिया गया। हालांकि, उनके बेटे करण भूषण को टिकट मिल गया था। करण चुनाव जीत भी गए।





More Stories
दिल्ली में MCD का ताबड़तोड़ एक्शन, इस फेमस इलाके में 54 ज्वेलरी शॉप सील, जूलर्स में मचा हड़कंप
फरीदाबाद से दबोचा गया दहेज मामले में घोषित भगोड़ा आरोपी
द्वारका में 888 क्वार्टर अवैध शराब बरामद, सप्लाई में इस्तेमाल वैगनआर जब्त
ऑपरेशन मिलाप के तहत लापता बच्चे को पुलिस ने सकुशल परिजनों से मिलाया
दहेज मामले में वांछित दो घोषित अपराधी गिरफ्तार
दिल्ली में बिल्डिंग ढहने की सजा एमसीडी अधिकारियों को ही क्यूं!