रोहिंग्या मुसलमानों को फ्लैट देने के मामले में गृह मंत्रालय ने दी सफाई, नही दिया कोई निर्देश

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रोहिंग्या मुसलमानों को फ्लैट देने के मामले में गृह मंत्रालय ने दी सफाई, नही दिया कोई निर्देश

-शरणार्थियों को उनके देश वापिस भेजे जाने तक निरूद्ध केंद्रों में ही रखने के दिये निर्देश

नई दिल्ली/- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि उसने दिल्ली में रोहिंग्या मुसलमानों को ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) श्रेणी के फ्लैट उपलब्ध कराने का कोई निर्देश नहीं दिया है। साथ ही मंत्रालय ने अरविंद केजरीवाल सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि अवैध विदेशियों को उनके वर्तमान स्थान पर ही रखा जाए। गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि अवैध विदेशी रोहिंग्याओं को कानून के अनुसार उनके देश वापस भेजने तक निरुद्ध केंद्रों में रखा जाना चाहिए और दिल्ली सरकार को उनके ठहरने के वर्तमान स्थल को निरुद्ध केंद्र घोषित करने का निर्देश दिया गया है।
                   गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अवैध विदेशी रोहिंग्याओं के संबंध में मीडिया के कुछ वर्गों की समाचार के संबंध में, यह स्पष्ट किया जाता है कि गृह मंत्रालय ने नयी दिल्ली के बक्करवाला में रोहिंग्या अवैध प्रवासियों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट प्रदान करने का कोई निर्देश नहीं दिया है।’’ गृह मंत्रालय के एक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में करीब 40,000 रोहिंग्या रहते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों को एक नये स्थान पर स्थानांतरित करने के प्रस्तावित कदम पर, गृह मंत्रालय ने दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि अवैध विदेशी रोहिंग्या को उनके वर्तमान स्थान पर रखा जाए क्योंकि उन्हें उनके देश वापस भेजने का मामला विदेश मंत्रालय के माध्यम से संबंधित देश के साथ पहले ही उठाया जा चुका है।
               प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अवैध विदेशियों को उनके देश वापस भेजने तक कानून के अनुसार निरुद्ध केंद्र में रखा जाना है। दिल्ली सरकार ने वर्तमान स्थान को निरुद्ध केंद्र घोषित नहीं किया है। उसे तुरंत ऐसा करने का निर्देश दिया गया है।’’ इससे पहले दिन में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों को बाहरी दिल्ली स्थित बक्करवाला के अपार्टमेंट में भेजा जाएगा और उन्हें मूलभूत सुविधाएं तथा पुलिस सुरक्षा भी मुहैया करायी जाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए फ्लैट का निर्माण नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने किया है और ये टिकरी सीमा के पास बक्करवाला इलाके में स्थित हैं। एनडीएमसी गृह मंत्रालय के तहत आता है। पुरी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘भारत ने हमेशा उन लोगों का स्वागत किया है जिन्होंने देश में शरण मांगी। एक ऐतिहासिक फैसले में सभी रोहिंग्या शरणार्थियों को दिल्ली के बक्करवाला इलाके में स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैट में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्हें मूलभूत सुविधाएं, यूएनएचसीआर (शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त की ओर से जारी) परिचय पत्र और दिल्ली पुलिस की चौबीसों घंटे सुरक्षा मुहैया की जाएगी।’’
                पिछले साल, सरकार ने राज्यसभा को सूचित किया था कि अवैध रोहिंग्या प्रवासी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू कश्मीर, तेलंगाना, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, कर्नाटक और केरल में रह रहे हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा था कि सरकार को रिपोर्ट मिली है कि रोहिंग्या मुसलमान देश में अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वैध यात्रा दस्तावेजों के बिना देश में प्रवेश करने वाले सभी विदेशी नागरिकों को अवैध प्रवासी माना जाता है। मंत्री ने कहा कि म्यांमार से रोहिंग्या शरणार्थियों सहित अवैध प्रवासियों का पता लगाना और राष्ट्रीयता के सत्यापन की उचित प्रक्रिया के बाद उन्हें उनके देश वापस भेजना एक सतत प्रक्रिया है।  

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