राहुल की सदस्यता रद्द करने पर कांग्रेस भड़की, कहा-’यह अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला

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राहुल की सदस्यता रद्द करने पर कांग्रेस भड़की, कहा-’यह अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला

-कांग्रेस ने कहा- कानूनी लड़ाई के साथ-साथ जनता के बीच जाऐंगे

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उनकी मोदी सरनेम टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने की तारीख से लोकसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया है। कांग्रेस ने कानूनी लड़ाई लड़ने के साथ ही इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने के लिए विपक्षी दलों को साथ लाने और जनता के बीच जाने का फैसला किया है।
               कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस से राहुल को सदस्यता रद्द होने पर अपनी बात रखी। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कानूनी से पहले यह सियासी मुद्दा है। देश में 2014 के बाद से अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि राहुल गांधी संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह निडर होकर बोलते रहे हैं। जाहिर है, वह इसकी कीमत चुका रहे हैं। सरकार बौखला गई है। यह सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए नई तकनीक खोज रही है।
               राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द होने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बयान आया है। उन्होंने कहा कि राहुल को सच बोलने की सजा मिली है। राहुल देश के सामने सच्चाई रख रहे थे। सरकार को जिन्हें नहीं सुनना है उन्हें वह सदन के बाहर कर रही है। लेकिन हम सदन के अंदर भी बोलेंगे, सदन के बाहर भी बोलेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ये किसी समाज के संबंध में नहीं है जो लोग पैसे लेकर भागे, जैसे ललित मोदी, नीरव मोदी और विजय माल्या वे क्या पिछड़े समाज से थे? ये लोग ऐसी अनुभूति बना रहे हैं कि राहुल गांधी ने पिछड़े समाज के बारे में बोला है।
                महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है। चोर कहना हमारे देश में एक अपराध हो गया है।

चोर और लुटेरे अभी भी आजाद हैं और राहुल गांधी को सजा मिल गई। यह लोकतंत्र की सीधी हत्या है। सभी सरकारी तंत्र दबाव में हैं। यह तानाशाही के अंत की शुरुआत है। लड़ाई को ही दिशा देनी है।
                केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि स्पीकर को अधिकार है कि वे ऐसी स्थिति में किसी सांसद को अयोग्य घोषित कर सकते हैं।

सूरत ज़िला अदालत के फैसले के बाद ये निर्णय लेना बहुत जरूरी था, स्पीकर ने उचित फैसला लिया है।
                केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि क्या एक पूरे समाज को चोर बोल सकते हैं? क्या कांग्रेस जैसी पार्टी के लिए छोटे समाज और व्ठब् समाज का अपमान करना और माफी भी न मांगना ही अभिव्यक्ति की आज़ादी है।

गाली देने में और आलोचना करने में अंतर है। वे(राहुल गांधी) व्ठब् समाज को गाली देने का काम कर रहे थे जिसकी वजह से उन्हें सजा हुई।
                 कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करना मोदी सरकार की प्रतिशोध की नीति का उदाहरण है। भारत जोड़ो यात्रा से राहुल गांधी की लोकप्रियता बहुत बढ़ी है और मोदी सरकार को यही हजम नहीं हो रहा।

उन्हें लग रहा है कि राहुल गांधी का मुंह बंद करना होगा क्योंकि अगर उन्हें बोलने दिया गया तो ठश्रच् सरकार से बाहर हो जाएगी।
                 कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर मोदी जी का मन साफ होता और हिंडनबर्ग रिपोर्ट में अडानी के घपले नहीं होते तो क्या कोई प्रधानमंत्री इस बात पर चर्चा करने से पीछे हटता।

राजीव गांधी पर भी आरोप लगा था लेकिन वे बेदाग निकले। 7 बार लोकसभा में श्रच्ब् हो चुकी है, फिर ये क्यों डरते हैं?
                 कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि जब राहुल गांधी ने अडानी पर प्रधानमंत्री से सवाल पूछे थे उसी समय से इन्होंने इस प्रकार साजिश राहुल गांधी की आवाज को दबाने के लिए शुरू कर दी थी।

मोदी सरकार के मंत्रियों ने कई बार राहुल गांधी के खिलाफ गलत आरोप लगाए। लोकसाभ में राहुल गांधी को बोलने का और अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया गया। ये साफ-साफ भाजपा सरकार के लोकतंत्र विरोधी और तानाशाह वाले मनोभाव को दर्शाता है।
                केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि राहुल गांधी सोचते थे कि देश के संविधान और कानून से वे ऊपर हैं। सूरत की अदालत के फैसले के बाद स्पीकर ने ये निर्णय लिया है।

केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि हमारे देश में कानून का राज चलता है, ये कोर्ट का फैसला है। इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।
                केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने इसको लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सभी गांधी उपनाम वालों को केवल इसलिए दोष नहीं दिया जा सकता

क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय लोकतंत्र, सशस्त्र सेना और देश की संस्थानों का ’अपमान’ किया है।    
                अदाणी समूह के मामले में विपक्षी सांसद जेपीसी जांच की मांग करते हुए शुक्रवार को विजय चौक की तरफ कूच कर गए। हालांकि, पुलिस ने बीच रास्ते पर घोषणा की है कि मार्च कर रहे विपक्षी सांसद आगे मार्च के लिए न बढ़ें, क्योंकि यहां धारा 144 सीआरपीसी लागू है। यहां किसी भी आंदोलन की अनुमति नहीं है।

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