रामसेतु पर राजनीति करने वालों की केंद्र सरकार ने निकाली हवा

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August 22, 2026

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रामसेतु पर राजनीति करने वालों की केंद्र सरकार ने निकाली हवा

-राज्य सभा में प्रश्नकाल के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष विभाग

नई दिल्ली/- पिछले काफी समय से रामसेतु को लेकर अपनी राजनीति चमका रहे भाजपा नेताओं व दूसरे धार्मिक संगठनों के नेताओं की केंद्र सरकार ने हवा निकाल दी है। गुरूवार को रामसेतु पर राज्य सभा में प्रश्नकाल के दौरान विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी तथा अंतरिक्ष विभाग के मंत्री डा. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि मौजूदा अवशेषों से रामसेतु की पुष्टि संभव नही है।


           श्री सिंह ने राज्य सभा में कहा कि रामसेतु को लेकर अंतरिक्ष प्रोद्योगिकी के माध्यम से जिन अवशेषों की खोज हुई है, उन्हे निश्चित राम सेतु पुल का हिस्सा या अवशेष नही कहा जा सकता। मगर रामसेतु वाले स्थान पर उस सामग्री की एक निश्चित मात्रा में मौजूदगी से कुछ अनुमान लगाया जा सकता है। उनसे कार्तिकिय शर्मा ने सवाल पूछा था कि क्या सरकार आधुनिक प्रौद्योगिकी के जरिये देश के गौरवशाली अतीत का मूल्याकंन करने का प्रयास कर रही है। इसके जवाब में श्री सिंह ने कहा कि उन्हे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अंतरिक्ष विभाग इस कार्य को कर रहा है। इस दिशा में हड़प्पा सभ्यता के संबंध में भी हमने कुछ अवशेष और जानकारी हासिल की है। रामसेतु के विषय में पता लगाने की हमारी कुछ सीमाएं हैं, क्योंकि इसका इतिहास 18 हजार साल से ज्यादा पुराना है।

संरचना को चिन्हित करना मुश्किल
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष विभाग के मंत्री डा. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के जरिए हमने कुछ टूकड़े, द्वीपों के अवशेष, चूना पत्थरों के समूह की खोज की है। लेकिन इन्हे निश्चित रूप से अवशेष या पुल के हिससे नही कहा जा सकता है। हालांकि उस स्थान पर निश्चित मात्रा में उनकी मौजूदगी से कुछ अनुमान लगाया जा सकता है। संक्षेप में यह कहा जा सकता है कि वास्तव में वहां मौजूद संरचना को चिन्हित करना मुश्किल है। लेकिन यह प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी प्रकार का संकेत है कि वहां संरचना मौजूद थी। इसी प्रकार प्राचीन द्वारका नगरी तथा अन्य स्थलों के संबंध में भी हमने इस प्रकार की कोशिश की है।

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