राजद परिवार में बढ़ी दरार, तेजस्वी व उनके करीबी निशाने पर

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July 20, 2026

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बिहार/उमा सक्सेना/-     बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव के परिवार को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उनकी बेटी रोहिणी आचार्या ने खुलकर आरोप लगाया है कि बिहार चुनाव में हार को लेकर जवाबदेही पूछने पर उन्हें परिवार से अलग कर दिया गया। रोहिणी का दावा है कि तेजस्वी यादव और उनके भरोसेमंद सहयोगी संजय यादव व रमीज ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें अपमानित कर घर से निकाल दिया।

“अगर संजय–रमीज पर सवाल करोगे, तो गाली और मार झेलनी पड़ेगी”
रोहिणी ने बताया कि जैसे ही उन्होंने तेजस्वी के दोनों करीबी साथियों की भूमिका पर सवाल उठाया, माहौल बिगड़ गया। उन्होंने कहा कि विरोध जताने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और धमकियां दी गईं। रोहिणी के मुताबिक, “सिर्फ दो नाम लेने की देर थी, मुझे अपशब्द कहे गए और घर छोड़ने को मजबूर कर दिया गया।” उन्होंने कहा कि अब परिवार से उनका नाता लगभग टूट चुका है।

कौन हैं संजय यादव और रमीज, जिन पर सवाल उठे?
रोहिणी के निशाने पर आए संजय यादव लंबे समय से तेजस्वी के रणनीतिक सलाहकार रहे हैं। हरियाणा से आने वाले संजय 2012 में राजद से जुड़े थे और 2024 में राज्यसभा के लिए चुने गए। वहीं रमीज को तेजस्वी का बेहद करीबी दोस्त माना जाता है, जिनकी पृष्ठभूमि उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से जुड़ी बताई जाती है। रोहिणी का कहना है कि दोनों ने मिलकर उन्हें राजनीतिक गतिविधियों और पारिवारिक दायरे से बाहर कर दिया।

भाजपा बोली—“किडनी दान करने वाली बेटी को अपमानित किया गया, बेहद दुखद”
रोहिणी की नाराज़गी पर भाजपा ने भी टिप्पणी की। बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि लालू यादव की जान बचाने के लिए रोहिणी ने अपनी किडनी दान की थी, और आज उसी परिवार में उन्हें अपमान का सामना करना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि एक व्यक्ति की वजह से पूरा परिवार टूट रहा है, तो यह गंभीर मामला है।

राजद की हार बनी विवाद की जड़
पूरा मामला तब सामने आया जब बिहार चुनाव में राजद को बुरी तरह पराजय का सामना करना पड़ा। 75 सीटों वाली पार्टी केवल 25 सीटों पर सिमट गई और महागठबंधन भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका। रोहिणी का कहना है कि हार की वजह पूछना ही उनके खिलाफ चला गया और जवाबदेही मांगने पर उन्हें गलत ठहराया गया।

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