रबी फसलों की वैज्ञानिक खेती प्रशिक्षण और गुणवत्ता युक्त इनपुट वितरण का आयोजन

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September 17, 2026

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नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    दिल्ली के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली देहात के अनुसूचित जाति समुदाय के किसानों के लिए रबी फसलों की वैज्ञानिक खेती प्रशिक्षण एवं गुणवत्ता युक्त कृषि इनपुट वितरण का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक प्रगतिशील किसान और महिला कृषक उत्साहपूर्वक शामिल हुए और प्रशिक्षण से लाभान्वित हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराना और उनकी फसल उत्पादकता में सुधार लाना था।

वैज्ञानिक प्रशिक्षण: आधुनिक खेती की तकनीकें
कार्यक्रम के दौरान KVK दिल्ली के विशेषज्ञों ने किसानों को रबी फसलों की उन्नत खेती तकनीकों, मिट्टी परीक्षण के महत्व, उर्वरक प्रबंधन, बीज उपचार की वैज्ञानिक विधियों, प्रमुख रोग और कीट प्रबंधन, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और स्मार्ट कृषि जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। किसानों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार नई तकनीकें अपनाकर खेतों की उत्पादकता और आर्थिक लाभ बढ़ाया जा सकता है। KVK के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डी. के. राणा ने कहा कि नजफगढ़ ब्लॉक के कांगनहेड़ी, रेवला खानपुर, दरियापुर खुर्द और कंझावला ब्लॉक के झीमरपुरा गाँवों को इस योजना के तहत गोद लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण से किसानों को न केवल आधुनिक कृषि तकनीकें सीखने का अवसर मिला, बल्कि इससे उनका आत्मविश्वास और कृषि कार्य में रुचि भी बढ़ेगी।

गुणवत्ता युक्त इनपुट वितरण: वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा
कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट जैसे बीज, फफूंदनाशी दवाइयां, पौध सामग्री, जैव उर्वरक और वर्मी कम्पोस्ट वितरित किए गए। इन इनपुट्स का उद्देश्य किसानों के खेतों में वैज्ञानिक विधियों के प्रयोग को बढ़ावा देना और फसल उत्पादन में सुधार सुनिश्चित करना है। डॉ. राणा ने बताया कि KVK दिल्ली लगातार किसानों की आय वृद्धि और टिकाऊ कृषि प्रथाओं के प्रसार के लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शन और आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। यह पहल अनुसूचित जाति समुदाय के सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी उत्पादन क्षमता और आय में सुधार कर सकते हैं।

सशक्तिकरण और भविष्य की दिशा
इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल किसानों को तकनीकी ज्ञान प्रदान किया गया, बल्कि उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण और आवश्यक कृषि सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि वैज्ञानिक खेती अपनाने से फसल की गुणवत्ता, उत्पादन और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस पहल से यह सुनिश्चित किया गया कि किसान टिकाऊ और लाभदायक कृषि पद्धतियों को अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

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