योग से होगी बार बार भूलने की समस्या दूर- अल्का सिंह

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योग से होगी बार बार भूलने की समस्या दूर- अल्का सिंह

-कम उम्र में है भूलने की बिमारी तो ना ले हल्के में, हो जाएं सावधान

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/मानसी शर्मा/- योग विशेषज्ञ अल्का सिंह ने बार-बार भूलने की समस्या को योग से ठीक करने के कई योगासन बताये है। उनका कहना है कि अक्सर व्यस्त जीवनशैली के चलते हम कुछ ना कुछ रोजमर्रा की जिंदगी में भूल ही जाते हैं परंतु जरूरत से ज्यादा इंपॉर्टेंट चीज भी बार-बार भूलना एक बीमारी का संकेत हो सकता है इसीलिए कम उम्र में ही है भूलने की बीमारी तो हल्के में ना लें, और अगर ऐसा है तो सावधान हो जाएं।
            स्ट्रेस-शायद आपको मालूम नहीं कि मानसिक अवसाद धीरे-धीरे आपकी ब्रेन मेमोरी को खोखला करता है। ज्यादा स्ट्रेस लेने की वजह से लोग डेमेंशिया और अल्जाइमर के शिकार हो जाते हैं। कम नींद आना-अगर आप भी अनिद्रा (कम नींद लेना) के शिकार हैं तो संभल जाइए, क्योंकि इसका असर आपकी ब्रेन मेमोरी पर पड़ता है। नींद कम आने की वजह से न सिर्फ आपका स्वास्थ्य खराब होता है, बल्कि धीरे-धीरे आपके लिए चीजों को याद रखना मुश्किल हो जाता है। घर में चाबी या जेब में पैसे रखकर भूल जाना कोई आम बात नहीं है। जिस उम्र में लोगों की याद्दाश्त दुरुस्त होनी चाहिए उस उम्र चीजों को भूल जाना गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है। टीनेजर्स में होने वाली इस बीमारी को डेमेंशिया या अल्जाइमर कहा जाता है। आइए जानते हैं आखिर इतनी कम उम्र में इस बीमारी की वजह क्या होती है.? बार-बार भूलने की दिक्कत से न सिर्फ आपको कई मौकों पर शर्मिंदगी उठानी पड़ती है बल्कि यह आपके लिए एल्जाइमर जैसे गंभीर रोग का इशारा हो सकती है। ऐसे में योग की मदद से आप अपनी याददाश्त तेज कर सकते हैं। हाल में हुए एक अमेरिकी शोध के अनुसार, प्रतिदिन 20 मिनट तक योगासनों का अभ्यास दिमाग के लिए ट्रेडमिल पर घंटों दौड़ने से अधिक फायदेमंद है।

आइए जानते है योग विशेषज्ञ अल्का सिंह से याददाश्त बढ़ाने और दिमाग तेज करने वाले कुछ प्रभावी योगासनों के बारे मेंः-
सर्वांगासन प्रतिदिन सर्वांगासन के अभ्यास से दिमाग में रक्त संचार अच्छी तरह रहता है और याददाश्त तेज रहती है।
– इसे करने के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएं। दोनों पैरों को साथ रखें और हाथों को कमर पर रखें।
– सांस अंदर की ओर लेते हुए दोनों पैरों को पहले 30 डिग्री के कोण तक उठाएं, कुछ सेकंड इस अवस्था में रहने के बाद 60 डिग्री तक उठाएं और फिर 90 डिग्री तक उठाएं।
– अब सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को नीचे ले आएं और कुछ सेकंड शवासन में लेटें।
नोटः कमर और गर्दन में दर्द के मरीज इस आसन को न करें।

भुजंगासन न सिर्फ याददाश्त तेज रखता है बल्कि कमर दर्द से लेकर सायटिका और स्लिप डिस्क जैसे रोगों में लाभदायक है।
– इसे करने के लिए पहले पेट के बल सीधे लेट जाएं और दोनों हाथों को कंधों के समानांतर रखें।
– अब सांस लेते हुए हाथों के बल शरीर के अग्रभाग को ऊपर की ओर उठाएं और जितना हो सकें उतना खींचें।
– 30 सेकंड तक इसी अवस्था में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
नोटः हार्निया के मरीज इस आसन को न करें।

कपालभाति प्राणायाम इसे करने से श्वास की गति सामान्य होती है, एकाग्रता बढ़ती है और मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह अच्छी तरह होता है।
– इसे करने के लिए पहले सुखासन में बैठ जाएं।
– अब गहरी सांस लें और फिर मुंह बंद कर तेजी से सांस बाहर की ओर छोड़ें। इस दौरान पेट की गति साफ दिखनी चाहिए।
– 30 सेकंड बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं। भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास याददाश्त को बढ़ाता है मन को शांत करता है और दिमाग को तेज करता है
               इसलिए इस प्राणायाम का अभ्यास प्रतिदिन करें। ओमकार का उच्चारण ओम का उच्चारण हमारे मन को दिमाग को शांत करता है एकाग्र करता है और हमारी बुद्धि तीव्र करता है और हमारे याददाश्त को बढ़ाता है।’ अंततः निष्कर्ष यह निकलता है कि’ योग का प्राणायाम का अभ्यास नित्य प्रतिदिन करने से हमारी कमजोर याददाश्त भी तीव्र हो सकती है हम अपनी याददाश्त को और तेज कर सकते हैं योग को अपनाकर।

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