यूपीआई और रुपे सेवाओं के विस्तार के लिए वर्ल्डलाइन और एनपीसीआई ने मिलाया हाथ

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यूपीआई और रुपे सेवाओं के विस्तार के लिए वर्ल्डलाइन और एनपीसीआई ने मिलाया हाथ

-यह सेवा व्यापारियों के लिए नई व्यावसायिक संभावनाओं को खोलेगी

नई दिल्ली/- वैश्विक भुगतान सेवा प्रदाता वर्ल्डलाइन ने पूरे यूरोप में भारतीय भुगतान साधनों की स्वीकृति का विस्तार करने के लिए एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स के साथ हाथ मिलाया है। एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की अंतरराष्ट्रीय शाखा है- जो भारत में डिजिटल भुगतानों का संचालन करती है।
             इस साझेदारी के तहत वर्ल्डलाइन व्यापारियों के पॉइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) सिस्टम को यूपीआई से भुगतान स्वीकार करने की अनुमति देकर यूरोपीय बाजारों में भारतीय ग्राहकों के लिए और अधिक सुविधा मुहैया कराएगा। इसके साथ ही रुपे जो कि  एनपीसीआई के स्वामित्व वाली कार्ड सेवा है, उसकी सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। बीते मंगलवार को दोनों संस्थाओं की ओर से इस संबंध में एक संयुक्त बयान जारी किया गया।
             माना जा रहा है कि यूरोपीय देशों में भारतीय पर्यटकों की संख्या और खर्च में बढ़ोतरी को देखते हुए इस साझेदारी के बाद ग्राहकों से संबंधित व्यापारियों को बहुत लाभ पहुंचेगा। वर्तमान में भारतीय ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय कार्ड नेटवर्क के माध्यम से भुगतान करना पड़ता है।
            वर्ल्डलाइन और एनपीसीआई के संयुक्त बयान में कहा गया है कि बेहद लोकप्रिय यूपीआई एक ही मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से कई बैंक खातों तक पहुंचने की अनुमति देता है, यह सेवा व्यापारियों के लिए नई व्यावसायिक संभावनाओं को खोलते हुए ग्राहकों के अनुभव को बढ़ाएगा।
            वर्ल्डलाइन के डिप्टी सीईओ मार्क हेनरी डेस्पोर्ट्स ने बयान में कहा है कि एनपीसीआई इंटरनेशनल के साथ हमारी साझेदारी भारतीय ग्राहकों को ईयू में सुरक्षित रूप से इलेक्ट्रॉनिक भुगतान का उपयोग करने से रोकने या सीमित करने के जोखिम को कम करना चाहती है।
             बता दें कि एनपीसीआई के यूपीआई प्लेटफॉर्म पर अब तक 38.74 बिलियन लेनदेन दर्ज किए जा चुके हैं। इसके माध्यम से लगभग 954.58 बिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि का लेन-देन किया गया है। इससे यह दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रीयल-टाइम भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र बन गया है। इसी तरह अब तक 714 मिलियन रूपे कार्ड जारी किए गए हैं, जिसमें 1.3 बिलियन से अधिक लेनदेन हुए हैं।
             एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स के सीईओ रितेश शुक्ला ने बयान में कहा कि हमारा मानना है कि यह साझेदारी भारतीय उपभोक्ताओं को अपने पसंदीदा भुगतान मोड का उपयोग जारी रखने के लिए सशक्त बनाएगी क्योंकि वे पूरे यूरोप में यात्रा करते हैं।

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