मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के हाथ होगी तालिबान सरकार की कमान

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मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के हाथ होगी तालिबान सरकार की कमान

-अमेरिका ने मुल्ला गनी से ही किया था सेना वापसी का समझौता -तालिबान मुखिया अखुंदजादा को संरक्षक या सुप्रीम लीडर बनाने की संभावना, मुल्ला उमर बेटे मुल्ला मोहम्मद याकूब और शेर मोहम्मद अब्बाद स्तेनकजई तालिबान सरकार में संभालेंगे वरिष्ठ पद

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/काबुल/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- अफगानिस्तान पर कब्जा जमाने के करीब 20 दिन बाद तालिबान अब सरकार बनाने की तैयारी में है। इस सरकार की लीडरशिप तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के हाथों में होगी। इसके अलावा तालिबान के मुखिया अखुंदजादा को संरक्षक या सुप्रीम लीडर जैसा कोई पद मिल सकता है। मुल्ला बरादर तालिबान के कतर स्थित राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख रह चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला मोहम्मद याकूब और शेर मोहम्मद अब्बाद स्तेनकजई तालिबान सरकार में वरिष्ठ पद संभालेंगे।
                       तालिबान के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर रॉयटर्स को बताया, ’सभी शीर्ष नेता काबुल पहुंच गए हैं, जहां नई सरकार की घोषणा करने की तैयारी अंतिम चरण में है।’ एक अन्य तालिबान सूत्र ने कहा कि तालिबान के सर्वोच्च धार्मिक नेता हैबतुल्लाह अखुनजादा इस्लामी नियमों के तहत शासन और धार्मिक मामलों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
                      मुल्ला गनी बरादर को अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और पाकिस्तान ने साल 2010 में एक ऑपरेशन में गिरफ्तार किया था। इसके बाद बरादर 8 साल तक पाकिस्तान की जेल में रहे। 2018 में अमेरिकी दबाव के बाद पाकिस्तान ने उसे रिहा कर दिया। फिर बरादर को कतर स्थानांतरित कर दिया गया जहां बरादर दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख नियुक्त किए गए। यहां उन्होंने उस समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसके कारण अमेरिकी सेना को अपने 20 साल के अभियान को वापस लेने का समझौता करना पड़ा।

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