अमेरिका से एएलयूएवी की डील हुई पक्की, रक्षा क्षेत्र में भारत का बढ़ेगा दबदवा

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June 10, 2026

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अमेरिका से एएलयूएवी की डील हुई पक्की, रक्षा क्षेत्र में भारत का बढ़ेगा दबदवा

-भारत-अमेरिका ने द्विपक्षीय रक्षा व सहयोग के तहत एक कदम और बढ़ाया आगे, रक्षा क्षेत्र में भारत-अमेरिका के बीच बड़ा करार

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/देश-दुनिया/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने द्विपक्षीय रक्षा और सैन्य सहयोग को और बढ़ाने के लिए एक और कदम आगे बढ़ाया है। दोनों देशओं ने एयर-लॉन्च्ड अनमैन्ड एरियल व्हीकल के विकास में सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि एएलयूएवी के लिए प्रोजेक्ट एग्रीमेंट पर 30 जुलाई को डिफेंस टेक्नोलॉजी एंड ट्रेड इनिशिएटिव के समग्र ढांचे के तहत हस्ताक्षर किए गए। संधि पर रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी रक्षा विभाग के बीच हस्ताक्षर किए गए। इस रक्षा डील से भारत का न केवल रक्षा तंत्र मजबूत होगा बल्कि रक्षा क्षेत्र में उसका दबदबा भी बढेगा।
                  रक्षा मंत्रालय ने इसे भारत और अमेरिका के बीच रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इसने एक बयान में कहा, “रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी रक्षा विभाग ने 30 जुलाई को रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार पहल (डीटीटीआई) में संयुक्त कार्य समूह वायु प्रणाली के तहत एएलयूएवी के लिए एक परियोजना समझौते (पीए) पर हस्ताक्षर किए। पीए समझौता दोनों पक्षों के बीच अनुसंधान, विकास, परीक्षण और मूल्यांकन समझौते के दायरे में आता है जिसपर पहली बार 2006 में हस्ताक्षर किया गया था और जनवरी 2015 में इसका रिनुअल हुआ था।
                       मंत्रालय ने कहा, ’’डीटीटीआई का मुख्य उद्देश्य सहयोगी प्रौद्योगिकी विनिमय को बढ़ावा देने के लिए निरंतर नेतृत्व पर ध्यान केंद्रित करना और भारतीय और अमेरिकी सैन्य बलों के लिए भविष्य की प्रौद्योगिकियों के उत्पादन और विकास के अवसर पैदा करना है। डीटीटीआई के तहत, संबंधित डोमेन में परस्पर सहमत परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए थलसेना, नौसेना, वायु सेना और विमान वाहक प्रौद्योगिकियों पर संयुक्त कार्य समूहों की स्थापना की गई है।’’
                      दोनों पक्षों ने 2018 में संचार संगतता और सुरक्षा समझौता पर भी हस्ताक्षर किए हैं जो दोनों सेनाओं के बीच अंतर-संचालन और अमेरिका से भारत को उच्च तकनीक की बिक्री की सुविधा प्रदान करता है। पिछले साल अक्टूबर में, भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और बढ़ावा देने के लिए बीईसीए (बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट) समझौते को सील कर दिया था।

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