मार्गरेट अल्वा होंगी विपक्ष की उपराष्ट्रपति उम्मीदवार, शरद पवार ने किया एलान

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

मार्गरेट अल्वा होंगी विपक्ष की उपराष्ट्रपति उम्मीदवार, शरद पवार ने किया एलान

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए भाजपा नीत एनडीए के उम्मीदवार के एलान करने के बाद विपक्षी दलों ने भी रविवार को अपने प्रत्याशी का एलान कर दिया। विपक्ष ने मार्गरेट अल्वा को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। एनसीपी चीफ शरद पवार ने अपने आवास पर 17 दलों की मिटिंग के बाद इनके नाम का एलान किया। मार्गरेट अल्वा गोवा की राज्यपाल रह चुकी हैं। वो कर्नाटक की रहने वाली हैं।

कौन हैं मार्गरेट अल्वा?
मार्गरेट अल्वा का जन्म 14 अप्रैल को 1942 को कर्नाटक के मेंगलोर में हुआ था। उन्होंने अपनी पढ़ाई कर्नाटक में ही पूरी कीं उसके बाद मार्गरेट कांग्रेस से जुड़ीं और कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया। 80 साल की अल्वा गोवा, गुजरात, राजस्थान और उत्तराखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं। अल्वा का लंबा राजनीतिक करियर रहा है। कांग्रेस सांसद रहते हुए वो केन्द्र सरकार में चार बार महत्वपूर्ण महकमों की राज्यमंत्री भी रह चुकी हैं।  वह अलग-अलग मंत्रालयों की समितियों में भी शामिल रहीं। कांग्रेस ने उन्हें 1975 में पार्टी का महासचिव भी बनाया था। अल्वा कुल चार बार राज्यसभा की सदस्य रहीं। उसके बाद 1999 में वो लोकसभा की सदस्य चुनी गईं।

1974 में पहली बार सांसद बनीं
कांग्रेस की नेता मार्गरेट अल्वा 1974 में पहली बार सांसद बनीं। राज्यसभा और लोकसभा को मिलकार कुल पांच बार संसद सदस्य रहीं। 1999 में उत्तर कन्नड़ से लोकसभा चुनाव जीती थीं। एक सांसद के रूप में उन्होंने महिला-कल्याण के कई कानून पास कराने में अपनी प्रभावी भूमिका अदा की। कांग्रेस सरकार में महिला सशक्तिकरण संबंधी नीतियों को तैयार कराने और उन्हें पास कराने में अल्वा का अहम योगदान रहा है।

उत्तराखंड की पहली महिला राज्यपाल बनीं थीं
केंद्र में यूपीए की सरकार के दौरान 6 अगस्त 2009 को उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल बनाया गया। इसके बाद आगे चलकर उन्हें गुजरात, राजस्थान का राज्यपाल भी बनाया गया। किसी महिला की ओर से समाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में किए गए अहम योगदान के लिए उन्हें 2012 में मर्सी रवि अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

17 दलों ने सर्वसम्मति से लिया फैसला
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार ने कहा, ’हमारी सामूहिक सोच है कि अल्वा मंगलवार को उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।’’ पवार ने कहा कि कुल 17 दलों ने सर्वसम्मति से अल्वा को मैदान में उतारने का फैसला किया है और तृणमूल कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी के समर्थन से वह कुल 19 पार्टियों की संयुक्त उम्मीदवार होंगी।

उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 6 अगस्त को वोटिंग
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए इच्छुक उम्मीदवार 19 जुलाई तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं. नामांकन पत्रों की जांच 20 जुलाई को होगी. उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र 22 जुलाई तक वापस ले सकेंगे. देश का अगला उपराष्ट्रपति चुनने के लिए 6 अगस्त को वोटिंग होगी.  
              उपराष्ट्रपति चुनने के लिए 6 अगस्त को दिन में 10 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे. मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन वोटों की गिनती भी हो जाएगी और चुनाव के नतीजे भी आ जाएंगे. अगर सत्ता पक्ष और विपक्षी दल, दोनों ही खेमे उपराष्ट्रपति पद के लिए किसी एक उम्मीदवार के नाम पर सहमत हो जाते हैं और आम सहमति बन जाती है तो मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी. ऐसे में उपराष्ट्रपति का आम सहमति से निर्विरोध निर्वाचन भी हो सकता है. हालांकि, इसके आसार कम ही नजर आ रहे हैं. गौरतलब है कि देश के वर्तमान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है. वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है. वेंकैया नायडू का कार्यकाल पूरा होने से चार दिन पहले ही ये साफ हो जाएगा कि देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा.

एनडीए ने जगदीप धनखड़ को बनाया उम्मीदवार
बता दें शनिवार शाम एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की घोषणा की गई थी. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति का प्रत्याशी घोषित किया था। पीएम मोदी की मौजूदगी में हुई बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में धनखड़ के नाम पर मुहर लगी थी।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox