महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी एकसाथ लड़ेंगे विधानसभा चुनाव,

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September 5, 2026

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महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी एकसाथ लड़ेंगे विधानसभा चुनाव,

-कहा- बागियों को वापस नहीं लेंगे, सीट बंटवारे पर चर्चा शुरू

मुंबई/शिव कुमार यादव/- लोकसभा चुनाव जीतने के बाद महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए भी अब विपक्षी महा विकास अघाड़ी गठबंधन एक जुट हो गया है और एकसाथ विधानसभा चुनाव लड़ने के लिया चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को, उद्धव ठाकरे, शरद पवार और पृथ्वीराज चव्हाण ने सीट बंटवारे पर चर्चा की।

            लोकसभा चुनाव के नतीजों ने महा विकास आघाडी के घटक दलों में ऊर्जा भर दी है। अब तक तीनों ही दलों के नेता हुंकार भर रहे है कि वे आगामी विधानसभा चुनावों में सभी 288 सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन शनिवार को कांग्रेस, उद्धव सेना, शरद पवार की एनसीपी के प्रमुख नेताओं ने साफ किया कि वे एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे। वे हर हालत में सत्ताधारी सरकार को हटाएंगे।
           पवार ने संकेत दिया कि अजित पवार के लिए राकांपा के अपने गुट में लौटने के दरवाजे बंद हो गए हैं। पवार ने कहा, “इसका कोई सवाल ही नहीं है।“  
          उद्धव ठाकरे ने भी कहा कि उन लोगों के लिए दरवाजे बंद हो गए हैं जिन्होंने उनके खिलाफ बगावत की थी और शिव सेना के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। ठाकरे के मुताबिक, केंद्र में एनडीए सरकार कितने दिनों तक टिकेगी, इस पर सवालिया निशान लग गया है। यूबीटी नेता ने भाजपा के इस आरोप की निंदा की कि विपक्षी दलों ने चुनावों को प्रभावित करने के लिए ’संविधान बदलने’ पर लोगों के बीच गलत सूचना फैलाई है।

          वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए पवार ने कहा कि एमवीए के लिए पीएम ने अनुकूल राजनीतिक माहौल बनाया, इसके लिए हम उन्हें धन्यवाद देते हैं। एनसीपी तोड़ कर गए लोगों की वापसी पर पवार ने कहा कि जो लोग हमें छोड़कर गए हैं, उन्हें पार्टी में वापस नहीं लेंगे।
          इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त पूरे देश में माहौल था कि बीजेपी को कोई हरा नहीं सकता, लेकिन महाराष्ट्र की जनता ने यह मिथ तोड़ दिया। हमारी जीत अंतिम नहीं है, बल्कि यह तो शुरुआत हुई है। हमारे साथ जो लोग हैं, हम उनको लेकर आगे जाएंगे। ठाकरे ने पूछा कि चुनाव में नकली सेना, नकली संतान, मंगलसूत्र बचाना आदि क्या सही नैरेटिव था? 400 पार का नारा तो बीजेपी ने ही दिया था। अच्छे दिन के नैरेटिव का क्या हुआ, मोदी की गारंटी का क्या हुआ?

कांग्रेस रही नंबर वन
 महाराष्ट्र लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने 13 सीटें जीतीं, जबकि 2019 में महज एक सीट जीती थी। उद्धव सेना ने 9 और शरद पवार की एनसीपी ने 8 लोकसभा की सीट जीतीं। लोकसभा सीट बंटवारे में उद्धव ठाकरे की पार्टी ने सबसे ज्यादा 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस ने 16 और शरद पवार की पार्टी ने 10 सीटों पर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस ने सबसे ज्यादा सीटें जीती जब कि शरद पवार की एनसीपी की जीत का स्ट्राइक रेट 80þ रहा। रेकॉर्ड जीत से कांग्रेस का उत्साह में भर जाना लाजिमी है, परंतु उद्धव ठाकरे कांग्रेस के सामने कितना झुकेंगे, यह बड़ा सवाल है। दरअसल कांग्रेस कहने लगी है कि विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें उसे मिलनी चाहिए, क्योंकि सबसे ज्यादा लोकसभा सीटें उसने जीती है।

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