मन की बात में बोले पीएम मोदी – राष्ट्र की एकता को मजबूत करती है संस्कृत भाषा

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August 9, 2026

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मन की बात में बोले पीएम मोदी – राष्ट्र की एकता को मजबूत करती है संस्कृत भाषा

-कहा- इस ओलंपिक ने खेल के प्रति बदल दी युवाओं की सोच

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया। मन की बात कार्यक्रम के 80वें संस्करण की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेजर ध्यानचंद जी को यादकर की.खेलो की बात। पीएम मोदी ने कहा, खेलों में कितने ही पदक क्यों न मिल जाएं, लेकिन जब तक हॉकी में पदक नहीं मिलता भारत का कोई भी नागरिक विजय का आनंद नहीं ले पाता है। चार दशक के बाद इस बार ओलंपिक में हॉकी को पदक मिला। आप कल्पना कर सकते हैं मेजर ध्यानचंद जी के दिल पर, उनकी आत्मा पर वो जहां होंगे वहां कितनी प्रसन्नता होती होगी।
                    इसके साथ ही पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा हमारे यहां संस्कृत के बारे में कहा गया है :-
अमृतम् संस्कृतम् मित्र, सरसम् सरलम् वचः
एकता मूलकम् राष्ट्र, ज्ञान विज्ञान पोषकम्।
अर्थात, हमारी संस्कृत भाषा सरस भी है, सरल भी है। संस्कृत अपने विचारों, अपने साहित्य के माध्यम से ये ज्ञान विज्ञान और राष्ट्र की एकता का भी पोषण करती है, उसे मजबूत करती है। संस्कृत साहित्य में मानवता और ज्ञान का ऐसा ही दिव्य दर्शन है जो किसी को भी आकर्षित कर सकता है। पीए मोदी ने कहा, आज के समय में एक नई जागरूकता आई है। अब समय है कि इस दिशा में हम अपने प्रयास और बढ़ाएं.। हमारी विरासत को संजोना, उसको संभालना, नई पीढ़ी को देना ये हम सबका कर्तव्य है. और भावी पीढ़ियों का उस पर हक भी है। अब समय है इन कामों के लिए भी सबका प्रयास ज्यादा बढ़े।
                      पीएम मोदी ने कहा, जब खेल-कूद की बात होती है तो स्वाभाविक है हमारे सामने पूरी युवा पीढ़ी नजर आती है और जब युवा पीढ़ी की तरफ गौर से देखते है। कितना बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। युवा का मन बदल चुका है और आज का युवा मन घिसे-पिटे पुराने तौर तरीकों से निकलकर कुछ नया करना चाहता है, हटकर के करना चाहता है। आज का युवा पुराने बने हुए रास्तों पर चलना नहीं चाहता है। वो नए रास्ते बनाना चाहता है। नई जगह पर कदम रखना चाहता है। मंजिल भी नई, लक्ष्य भी नए, राह भी नई और चाह भी नई। आज का युवा एक बार जब मन में ठान लेता है तो जी-जान से जुट जाता है. दिन-रात मेहनत कर रहा है।
                      प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज जब हमारा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तो हमें ये याद रखना है कि स्वच्छ भारत अभियान के संकल्प को हमें कभी भी मंद नहीं पड़ने देना है. हमारे देश में जितने ज्यादा वॉटर प्लस शहर होंगे उतनी ही स्वच्छता भी बढ़ेगी, हमारी नदियां भी साफ होंगी और पानी बचाने की एक मानवीय जिम्मेवारी निभाने के संस्कार भी होंगे।

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