मतदान के दिन पेड छुट्टी का ऐलान: क्या मिलेगा कर्मचारियों को पूरा वेतन ? 

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 23, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-वोट डालने में नहीं होगी कोई बाधा -चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी चुनावों और उपचुनावों को लेकर एक अहम निर्णय लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान वाले दिन सभी कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा, यानी छुट्टी लेने पर उनकी सैलरी में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। यह नियम सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों पर समान रूप से लागू होगा, जिससे हर नागरिक बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग कर सके।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
आयोग के निर्देश के अनुसार यह सुविधा केवल स्थायी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दिहाड़ी मजदूर, संविदा कर्मी और अस्थायी कर्मचारी भी शामिल होंगे। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि हर पात्र मतदाता को मतदान के दिन छुट्टी मिले और उसके वेतन में कटौती न हो। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करना है।

इन राज्यों में लागू होगा नियम
यह आदेश असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ-साथ गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा में होने वाले उपचुनावों पर भी लागू रहेगा। आयोग ने सभी नियोक्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे इस नियम का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

मतदान की तारीखें और व्यवस्था
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कई राज्यों में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि कुछ राज्यों में 23 अप्रैल और पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर काम कर रहे हैं, उन्हें भी वोट देने के लिए पेड छुट्टी दी जाएगी, बशर्ते वे संबंधित क्षेत्र के मतदाता हों।

सख्ती से पालन के निर्देश
आयोग ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि इस नियम को पूरी तरह लागू किया जाए। संबंधित अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे और सभी को मतदान के लिए अनुकूल वातावरण मिले।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox