मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी 

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September 5, 2026

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-पश्चिम बंगाल को लेकर जताई चिंता

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि देश के अधिकांश राज्यों में यह प्रक्रिया बिना किसी बड़ी बाधा के संपन्न हुई है, जबकि पश्चिम बंगाल में इसको लेकर शिकायतें और विवाद सामने आए हैं। अदालत ने संकेत दिया कि अन्य राज्यों में इस प्रक्रिया के दौरान बहुत कम कानूनी विवाद देखने को मिले, जो इसकी सुचारू कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

अन्य राज्यों में प्रक्रिया रही सामान्य
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण सामान्य रूप से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरा हुआ। हालांकि कुछ स्थानों पर छोटी-मोटी दिक्कतें सामने आईं, लेकिन वे व्यापक स्तर पर नहीं थीं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कुल मिलाकर अन्य राज्यों में इस प्रक्रिया को लेकर मुकदमेबाजी बहुत कम रही है।

पश्चिम बंगाल में उठे सवाल
वहीं, पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया को लेकर अनियमितताओं के आरोपों पर अदालत ने गंभीरता दिखाई। कोर्ट इस समय उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें पुनरीक्षण प्रक्रिया में गड़बड़ी की बात कही गई है। इससे पहले भी शीर्ष अदालत इस मामले में दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

विपक्ष की ओर से उठी मांग
सुनवाई के दौरान विपक्ष से जुड़े पक्षकारों ने अदालत से अपील की कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने से जुड़े मामलों पर आपत्ति दर्ज कराने की समयसीमा बढ़ाई जाए। उनका तर्क था कि इससे प्रभावित लोगों को राहत मिल सकेगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन पाएगी।

अदालत का रुख स्पष्ट
इस मांग पर अदालत ने कहा कि यदि आवश्यकता महसूस हुई तो इस पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल अदालत ने संकेत दिया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। यह मामला अब भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत है और आने वाले दिनों में इस पर और स्पष्टता आने की संभावना है।

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