भारत में 2050 तक बढ़ जायेगा जल संकट, यून की रिपोर्ट में दावा

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भारत में 2050 तक बढ़ जायेगा जल संकट, यून की रिपोर्ट में दावा

-पाक-चीन में स्थिति हो जायेगी खराब, अब नही संभले फिर कभी नही संभल पायेंगे

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- जल संकट को लेकर यूएन ने के रिपोर्ट पेश की है जिसमें दावा किया गया है कि 2050 तक भारत में सबसे ज्यादा जल संकट बढ़ जायेगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि भारत में अगर अभी नही संभले तो फिर अगली पीढ़ियों को पानी के लिए काफी मशक्कत करनी होगी। वहीं रिपोर्ट में पाक और चीन की भी स्थिति खराब होने की बात कही गई है। 2050 तक कई नदियों के पूरी तरह से सूखने या फिर बहाव की स्थिति काफी कमजोर पड़ने की भी संभावना व्यक्त की गई है
                  यूएन की रिपोर्ट की माने तो दुनिया की लगभग 1.7 से 2.40 अरब की शहरी आबादी पानी के संकट से जूझेगी। संयुक्त राष्ट्र की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार साल 2016 में 9.33 करोड़ आबादी पानी के संकट से जूझ रही थी। संयुक्त राष्ट्र जल सम्मेलन 2023 से पहले यूनाइटेड नेशंस ने ’संयुक्त राष्ट्र विश्व जल रिपोर्ट 2023’ जारी की है।

रिपोर्ट में और क्या दावे किए गए?
-एशिया में करीब 80 फीसदी आबादी जल संकट से जूझ रही है।
-पूर्वोत्तर चीन, भारत और पाकिस्तान पर ये संकट सबसे ज्यादा है।
-अनुमान है कि इस संकट से भारत सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।
-ग्लेशियर पिघलने के कारण सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र जैसी प्रमुख हिमालयी नदियों का प्रवाह कम हो जाएगा।

26 फीसदी लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अभी दुनिया की 26 फीसदी आबादी को पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा है। जबकि 46 फीसदी आबादी सुरक्षित पेय जल का लाभ उठा रही है। यूएन की तरफ से यूनेस्को की जारी रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के दो से तीन बिलियन लोग साल में कम से कम एक महीने पानी की कमी से जूझते हैं। यूएन ने कहा है कि ये संकट आने वाले समय में और भी ज्यादा बढ़ने वाली है।

यूनेस्को के महानिदेशक ने क्या बोला?
युनेस्को के महानिदेशक आंड्रे एजोले ने कहा कि इस वैश्विक संकट से बाहर निकलने से पहले तत्काल अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था से निकलने की जरुरत है। यूएन रिपोर्ट के एडिटर इन चीफ ने कहा, ’जल मानवता के लिए खून की तरह है। यह लोगों के जीवन, स्वास्थ्य, लचीलेपन, विकास के लिए आवश्यक है। समय हमारे साथ नहीं है और करने को बहुत कुछ है। ये रिपोर्ट दर्शाता है कि हमारा उद्देश्य साथ आकर एक्शन लेने का है। बदलाव लाने का ये हमारा समय है।’

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