भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में नया मोड़, ब्रेंडन लिंच दिल्ली पहुंचे

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भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में नया मोड़, ब्रेंडन लिंच दिल्ली पहुंचे

-ट्रंप के रुख में नरमी, मोदी ने स्वागत किया -भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर दिल्ली में अहम बैठक हुई -अमेरिकी प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच दिल्ली पहुंचे और भारतीय अधिकारियों से बातचीत की

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-     भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर एक नई पहल शुरू हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाल के दिनों में बदलते रुख ने वार्ता की राह आसान बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सकारात्मक बताते हुए कहा कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार हैं और दोनों देश आपसी सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।

दिल्ली में अहम बैठक, टैरिफ विवाद के बीच हुई चर्चा
मंगलवार को राजधानी दिल्ली में अमेरिकी प्रतिनिधियों और भारतीय अधिकारियों के बीच व्यापार वार्ता पर विशेष चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय पर हुई, जब अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगा दिया है। इसके बाद कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया है, जो कि अमेरिका के किसी भी व्यापारिक साझेदार पर लगाया गया सबसे ऊँचा शुल्क है।

ब्रेंडन लिंच की भारत यात्रा
अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशिया के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच सोमवार देर रात दिल्ली पहुंचे। उन्होंने भारत के अधिकारियों के साथ इस पर विचार किया कि दोनों देश व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए कौन-से रास्ते निकाल सकते हैं। लिंच अमेरिका की व्यापार नीतियों को 15 देशों में लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं और भारत-अमेरिका व्यापार नीति मंच (TPF) के साथ-साथ क्षेत्रीय समझौतों के संचालन में भी उनकी भूमिका अहम है।

अब तक पांच दौर पूरे, छठा दौर टला
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता के अब तक पाँच दौर पूरे हो चुके हैं। छठे दौर की बैठक 25 से 29 अगस्त के बीच प्रस्तावित थी, लेकिन अमेरिका की ओर से बढ़े हुए टैरिफ के कारण इसे टाल दिया गया। हालांकि, दोनों देश साप्ताहिक स्तर पर वर्चुअल माध्यम से बातचीत करते रहे हैं। वाणिज्य मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, मौजूदा बैठक छठे दौर की जगह एक तैयारी बैठक थी, जिसका मकसद माहौल को अनुकूल बनाना है।

भारतीय निर्यात पर असर और चुनौतियाँ
अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊँचे टैरिफ से भारतीय निर्यातक सीधे प्रभावित हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर गहरा असर पड़ सकता है। नया शुल्क 27 अगस्त से लागू हुआ है और इसका असर आने वाले महीनों में और स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

एक दर्जन देशों से बातचीत जारी
भारत केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, दक्षिण कोरिया, पेरू और श्रीलंका सहित एक दर्जन देशों से मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत कर रहा है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण भारत-यूरोपीय संघ FTA माना जा रहा है।

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