भारतीय अखबार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं – नवनीत हुडा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 21, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

भारतीय अखबार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं – नवनीत हुडा

हर्षित सैनी/रोहतक/ नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/- 2005 को भारतीय पत्रकार सोसाईटी ने इस दिन को भारतीय अखबार दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया और 15 साल से हम इसे मनाते आ रहे हैं।        नेहरू युवा केंद्र के सदस्य नवनीत हुडा ने बताया कि 1780 में जब अंग्रेज़ जेम्स ऑगस्टस हिकी ने ‘बंगाल गैजेट्स’ नामक अखबार को पहली बार कलकत्ता में प्रकाशित कर हमें अखबार से अवगत कराया।राजा राममोहन राय ने कुछ वर्षों बाद इसका उपयोग भारतीय कुप्रथाओं जैसे सती प्रथा को खत्म करने के लिए किया और इसके बढ़ते सुप्रभाव के वजह से ही 1950 तक अखबारों की संख्या लगभग 200 तक पहुंच गई।        

उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में महात्मा गांधी (यंग इंडिया), लाला लाजपत (केशरी व मराठा) राय इत्यादि क्रांतिकारियों ने भी समाचार पत्रों का भरपूर सहयोग लिया तो इस आधार पर अखबार के क्रांतिकारी अदा को भी नकारा नहीं जा सकता है।जब देश आज़ाद हो गया तो अखबारों ने क्रांति का काम छोड़कर आर्थिक विकास में भी काफी अच्छी भूमिका अदा की।       मां दानों देवी धर्मार्थ ट्रस्ट सांघी के संस्थापक तस्वीर हुडा ने कहा कि हमारी अखबारी यात्रा लगभग आज से 400 साल पहले भारत में अखबार व्यापारीकरण के मकसद से ही कोलकाता में आया क्योंकि कोलकाता उस दौरान भी व्यापार का मुख्य केंद्र था और आज भी है लेकिन धीरे-धीरे हम इसकी उपयोगिता को देखे व समझे तो इसका प्रयोग जनता को जागरूक करने के लिए या यूं कहें कि आजादी की लड़ाई में हथियार के रूप में इस्तेमाल किए।         उनका कहना था कि बात अगर आज के मीडिया काल या सूचना काल की करें तो देखेंगे कि केवल भारत में लगभग 70 हजार अखबार कम्पनियां हैं। जिस तरह से अखबार समय के साथ बदलता व बढ़ता जा रहा है तो हमें इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अखबार ने क्रांतिकारी अदा के साथ-साथ देश को सूचना व आर्थिक क्षेत्रों में विस्फोटक गति दी है, जो कि अविस्मरणीय है।        तस्वीर हुडा ने कहा कि हम सब भी बहुत अच्छी तरह से जानते हैं कि इतनी महंगाई के जमाने में भी अखबार ही एकमात्र हैं, जो कि आसानी से व दो-चार रूपये में मिलता है और मनोरंजन के साथ-साथ समाचार और जानकारी विस्तृत रूप से देता है, जिसको हम अपने समय के अनुसार शांति से पढ़ कर संग्रह कर सकते हैं। सारे खबरों का खबर रखने वाला अखबार ही आज अपने दिवस में अपने ही पन्ने से गायब हैं, पर पाठकों के दिल में जिंदा है और जिंदा रहेगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox