बच्चे दो ही अच्छे के कानून का नही करूंगा समर्थन- असदुद्दीन ओवैसी

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October 26, 2026

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बच्चे दो ही अच्छे के कानून का नही करूंगा समर्थन- असदुद्दीन ओवैसी

-कहा- हम चीन जैसी गलती को दोहरा नही सकते, ऐसा करना गलत होगा, मुस्लिमों को लेकर भी उठाया सवाल

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- देश में बढ़ती आबादी को लेकर इन दिनों बहस चल रही है और एक वर्ग की बढ़ती आबादी को लेकर इस पर नियंत्रण के लिए कानून बनाए जाने की मांग भी जोरशोर से की जा रही है। लेकिन इस बीच एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि वह ऐसे किसी कानून का समर्थन नहीं करेंगे, जिसमें दो बच्चे पैदा करने की सीमा तय कर दी जाए। ओवैसी ने पत्रकार वार्ता में कहा, ’हमें चीन की गलती नहीं दोहरानी चाहिए। मैं ऐसे किसी कानून का समर्थन नहीं करूंगा, जिसमें दो बच्चों की नीति बनाने की बात हो। इससे देश को कोई फायदा नहीं होगा।’ इससे पहले ओवैसी ने कहा था कि जनसंख्या में इजाफे के लिए मुस्लिमों को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए।
                उनका कहना था कि मुस्लिम समुदाय गर्भ निरोधक का इस्तेमाल करने में सबसे आगे रहा है। उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के उस बयान के जवाब में यह बात कही थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि किसी एक वर्ग की जनसंख्या ज्यादा बढ़ने से अराजकता फैल जाएगी और जनसंख्या का असंतुलन नहीं होना चाहिए। ओवैसी ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था, ’उनके अपने हेल्थ मिनिस्टर का कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए किसी कानून की जरूरत नहीं है। मुस्लिम ही गर्भ निरोधक उपायों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।’
               मुस्लिमों की आबादी तेजी से बढ़ने के सवाल पर ओवैसी ने कहा था, ’क्या मुस्लिम भारत के रहने वाले नहीं हैं? यदि हम सच्चाई देखें तो यहां के मूल निवासी को आदिवासी और द्रविड़ ही हैं। यूपी में बिना किसी कानून के ही फर्टिलिटी रेट में कमी 2026-30 के बीच देखने को मिल सकती है।’ ओवैसी ने गुरुवार को कहा कि भारत की फर्टिलिटी रेट लगातार कम हो रही है। 2030 तक इसमें स्थिरता देखने को मिलेगी। हमें चीन की गलती यहां नहीं दोहरानी चाहिए। हालिया चर्चा योगी आदित्यनाथ के बयान से शुरू हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक ही वर्ग की आबादी ज्यादा तेजी से बढ़ने पर अराजकता फैल जाएगी।
                बता दें कि आबादी नियंत्रित करने को लेकर बहस लंबी है। यहां तक कि असम, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में नियम लागू है कि यदि किसी के दो से अधिक बच्चे हैं तो वह स्थानीय निकाय चुनावों में नहीं उतर सकता। भाजपा नेता गिरिराज सिंह भी जनसंख्या को लेकर कानून बनाए जाने की मांग करते रहे हैं। हालांकि भारत सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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