‘बंटी-बबली’ दंपत्ति गिरफ्तार: एक ही फ्लैट कई लोगों को बेचकर करोड़ों की ठगी

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September 18, 2026

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- दिल्ली पुलिस की कार्रवाई -ग्रेटर नोएडा से पकड़ा गया दंपत्ति

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   थाना पुलिस थाना द्वारका साउथ की टीम ने संपत्ति बेचने के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाले पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। यह दंपत्ति एक ही फ्लैट के संबंध में कई लोगों से एग्रीमेंट टू सेल कर मोटी रकम ऐंठता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश से दबोचा।

एक ही संपत्ति के कई सौदे, करोड़ों की ठगी
वर्ष 2024 में थाना द्वारका साउथ क्षेत्र में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि एक महिला ने अपने फ्लैट को बेचने के नाम पर उनसे एग्रीमेंट किया और अग्रिम राशि प्राप्त कर ली। बाद में न तो फ्लैट की रजिस्ट्री की गई और न ही रकम लौटाई गई। इसके बाद आरोपी दंपत्ति फरार हो गया।

जांच के दौरान सामने आया कि महिला ने अपने पति के साथ मिलकर उसी फ्लैट के संबंध में कई व्यक्तियों से अलग-अलग समझौते किए। आरोप है कि इस तरह उन्होंने करीब 2 से 2.5 करोड़ रुपये तक की रकम विभिन्न लोगों से धोखे से प्राप्त की।

पत्नी घोषित हुई उद्घोषित अपराधी
लगातार गैरहाजिरी और फरारी के चलते आरोपी शारदा सिकरी को 24 सितंबर 2025 को द्वारका कोर्ट द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया। उसकी अग्रिम जमानत याचिका निचली अदालत से खारिज हुई और बाद में दिल्ली हाई कोर्ट में भी राहत नहीं मिली। इसके बावजूद दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचते रहे।

विशेष टीम का गठन और तकनीकी निगरानी
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें एसआई नवीन यादव, एएसआई महावीर, एचसी प्रवीण यादव, एचसी भूषण और महिला कांस्टेबल रुपाली देव शामिल थीं। पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह के नेतृत्व और एसीपी द्वारका की निगरानी में की गई।

काफी समय तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर पता चला कि दंपत्ति ग्रेटर नोएडा में छिपा हुआ है। टीम ने वहां पहुंचकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका फ्लैट बैंक में गिरवी रखा हुआ था। बैंक का कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने अवैध तरीके से धन जुटाने की योजना बनाई और कई लोगों को एक ही संपत्ति बेचने का झांसा दिया। रकम लेने के बाद वे दिल्ली छोड़कर उत्तर प्रदेश में जाकर छिप गए।

कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

आरोपियों की प्रोफाइल
नरेश कुमार सिकरी (57 वर्ष) – पेशे से लोन एजेंट, मामले का मुख्य साजिशकर्ता।

शारदा सिकरी (55 वर्ष) – गृहिणी, फ्लैट उनके नाम पर था और उसी के आधार पर सौदे किए गए।

दर्ज मामले

FIR संख्या 11/2024, धारा 420/467/468/406/120B IPC

FIR संख्या 346/2024, धारा 420/34 IPC

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के झांसे में और कितने लोग आए हैं।

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